सोने-चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर: गोल्ड ₹1.55 लाख के पार, चांदी ₹3.19 लाख प्रति किलो के पार

Silver Gold Price Today: भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार, 23 जनवरी को सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव ₹4,300 की तूफानी तेजी के साथ ₹1,55,428 प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले इसका भाव ₹1,51,128 था।
सोने के साथ-साथ चांदी ने भी आज जबरदस्त छलांग लगाई। एक किलोग्राम चांदी की कीमत ₹19,249 बढ़कर ₹3,18,960 के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई। यह इस साल की सबसे बड़ी एकदिनी तेजी में से एक है। इस साल यानी सिर्फ 23 दिनों के भीतर सोना ₹22,233 और चांदी ₹88,540 प्रति किलो महंगी हो चुकी है।
सोने की कीमतों में आग लगाने वाले 3 बड़े कारण
1. वैश्विक तनाव और कमजोर रुपया: अमेरिकी राष्ट्रपति की ग्रीनलैंड पर टिप्पणी और यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकी से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता है। जब भी ट्रेड वॉर जैसे हालात बनते हैं, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने जैसे सुरक्षित निवेश में लगाते है।
इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये का ₹91.10 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचना भी घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को बढ़ा रहा है। कमजोर रुपये से सोने का आयात महंगा हो जाता है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
2. सेंट्रल बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी: LKP सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, दुनियाभर के केंद्रीय बैंक, जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी शामिल है, अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करने के लिए लगातार सोना खरीद रहे हैं।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में रिकॉर्ड खरीदारी के बाद 2026 की शुरुआत में भी यह मांग मजबूत बनी हुई है। इससे सप्लाई के मुकाबले डिमांड काफी बढ़ गई है, जो कीमतों को ऊपर धकेल रही है।
चांदी भी क्यों बना रही नए रिकॉर्ड?
चांदी की कीमतों में आई अभूतपूर्व तेजी के पीछे सिर्फ निवेश ही नहीं, बल्कि औद्योगिक मांग भी एक बड़ा कारण है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिससे यह अब सिर्फ एक कीमती धातु न रहकर एक जरूरी कच्चा माल बन गई है। इसके अलावा, अमेरिका में टैरिफ के डर से कंपनियां चांदी का बड़ा स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है।
क्या ₹1.90 लाख तक जाएगा सोना?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी अभी थमने वाली नहीं है। रिसर्च हेड डॉ. रेनिशा चैनानी के अनुसार, “अगर अमेरिकी टैरिफ और मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है, तो सोना 2026 में ₹1,90,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर तक भी जा सकता है।”
वहीं, चांदी के लिए भी बड़े लक्ष्य दिए जा रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने चांदी के ₹3.20 लाख तक जाने का अनुमान लगाया है, जबकि सैमको सिक्योरिटीज इसे ₹3.94 लाख प्रति किलो तक पहुंचते देख रही है। कमोडिटी एक्सपर्ट नीलेश सुराना का मानना है कि ग्रीन एनर्जी की मांग इसे $100 प्रति औंस (करीब ₹3.5-4 लाख) तक ले जा सकती है।
यह तेजी पिछले साल के प्रदर्शन की ही अगली कड़ी है। साल 2025 में सोने की कीमत में 75% की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि चांदी 167% महंगी हुई थी। यह आंकड़े बताते हैं कि कीमती धातुओं में एक मजबूत बुल रन जारी है।