Silver Gold Price Today: बुलियन मार्केट में बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। लगातार तीसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 1 फरवरी को वायदा बाजार में चांदी करीब 23 हजार रुपए यानी 9 फीसदी लुढ़क गई। एक किलो चांदी का भाव अब 2.41 लाख रुपए पर आ गया है।
सोने की कीमतों में भी करीब 7 हजार रुपए यानी 6 फीसदी की गिरावट हुई। 10 ग्राम सोना अब 1.40 लाख रुपए पर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों की बड़े पैमाने पर मुनाफा वसूली इस गिरावट की प्रमुख वजह है।
तीन दिनों में कितना गिरे भाव?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के मुताबिक सोने और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट आई है। 29 जनवरी को सोना 1.69 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। आज यह 1.40 लाख रुपए पर आ गया है। यानी तीन दिनों में 30 हजार रुपए की गिरावट।
चांदी की बात करें तो 29 जनवरी को इसका भाव 4.01 लाख रुपए प्रति किलो था। आज यह 2.40 लाख रुपए पर ट्रेड कर रही है। तीन दिनों में 1.60 लाख रुपए की भारी गिरावट दर्ज हुई।
30 जनवरी को भी हुई थी बड़ी गिरावट
इससे पहले 30 जनवरी को सर्राफा बाजार में चांदी 40,638 रुपए सस्ती हुई थी। सोने में भी 9,545 रुपए की गिरावट आई थी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार उस दिन एक किलो चांदी 3,39,350 रुपए पर आ गई थी। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,65,795 रुपए पर था।
गिरावट की दो बड़ी वजहें
प्रॉफिट बुकिंग: हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। ऊंचे भाव देखकर निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफा वसूली शुरू कर दी। इससे कीमतों पर दबाव बना।
फिजिकल डिमांड में कमी: ऑल टाइम हाई कीमतों के बाद फिजिकल मांग कमजोर पड़ी। साथ ही औद्योगिक उपयोग को लेकर भी चिंताएं बढ़ीं। इन कारणों से बाजार में बिकवाली का दबाव बना।
मार्जिन बढ़ने से बढ़ा दबाव
सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने इस गिरावट की एक और वजह बताई। उनके मुताबिक शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने सोने और चांदी पर मार्जिन मनी बढ़ा दी है। इससे पहले कॉपर पर भी यह कदम उठाया गया था।
सोने पर मार्जिन 6 फीसदी से बढ़ाकर 8 फीसदी कर दिया गया है। चांदी पर मार्जिन 11 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया गया। इस बढ़ोतरी से कीमतों पर दबाव बने रहने की उम्मीद है।
क्या होता है मार्जिन?
कमोडिटी मार्केट में जब कोई बड़ा सौदा करता है तो उसे पूरे पैसे तुरंत नहीं देने होते। कुल कीमत का एक छोटा हिस्सा सिक्योरिटी के तौर पर जमा करना पड़ता है। इसे ही मार्जिन कहते हैं।
मार्जिन बढ़ने का मतलब है कि ट्रेडर्स को अब ज्यादा पैसा लगाना होगा। कई ट्रेडर्स ने पहले से खरीदारी की हुई होती है। मार्जिन बढ़ते ही एक्सचेंज उनसे अतिरिक्त पैसे मांगता है।
अगर किसी के पास तुरंत पैसा नहीं है तो उसे अपना सोना या चांदी बेचना पड़ता है। जब बहुत सारे लोग एक साथ बेचते हैं तो दाम तेजी से गिरने लगते हैं। यही स्थिति अभी बाजार में देखने को मिल रही है।
आगे क्या होगा..?
विशेषज्ञों का मानना है कि मार्जिन में बढ़ोतरी के बाद कुछ समय तक कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि में सोने और चांदी की मांग मजबूत बनी रहने की उम्मीद है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की चाल पर नजर रखें। जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। विशेषज्ञों की राय लेकर ही निवेश संबंधी निर्णय लें।