अश्लील कंटेंट विवाद में घिरा Grok, अब इस देश ने भी लगाया बैन

Elon Musk के AI चैटबॉट Grok को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इंडोनेशिया और मलेशिया के बाद अब फिलीपींस सरकार ने भी Grok की वेबसाइट को देश में ब्लॉक कर दिया है। सरकार का आरोप है कि यह AI टूल अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने में सक्षम है, जिससे समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। खासतौर पर बच्चों से जुड़े कंटेंट को लेकर फिलीपींस प्रशासन ने गंभीर चिंता जताई है।

बच्चों से जुड़े कंटेंट पर सरकार की सख्ती

फिलीपीपींस सरकार का कहना है कि Grok के जरिए तैयार किया जा रहा अश्लील कंटेंट एक बड़ा साइबर खतरा बन चुका है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, साइबरक्राइम इन्वेस्टिगेशन एंड कोऑर्डिनेटिंग सेंटर के प्रमुख रेनाटो पराइसो ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता चाइल्ड पोर्नोग्राफी और अन्य आपत्तिजनक फीचर्स को पूरी तरह हटवाना है। इसी कारण इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को Grok की वेबसाइट को तत्काल ब्लॉक करने के निर्देश दिए गए।

वेबसाइट ब्लॉक, लेकिन X पर बनी हुई है पहुंच

हालांकि सरकार ने Grok की वेबसाइट पर रोक लगा दी है, लेकिन यह AI चैटबॉट अब भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उपलब्ध है। रेनाटो पराइसो ने बताया कि यही सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। वेबसाइट्स को ब्लॉक करना तो संभव है, लेकिन X जैसे प्लेटफॉर्म पर मौजूद फीचर्स तक पहुंच रोकना फिलहाल आसान नहीं है। इसी वजह से फिलीपींस सरकार अब सीधे X के प्रतिनिधियों से बातचीत करने की तैयारी कर रही है।

xAI और X की प्रतिक्रिया ने बढ़ाया विवाद

Elon Musk की कंपनी xAI ने दावा किया है कि वह Grok में असली लोगों की अश्लील तस्वीरें बनाने की क्षमता को बंद कर रही है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जब xAI से फिलीपींस सरकार के फैसले पर सवाल पूछा गया, तो कंपनी की ओर से केवल “Legacy Media Lies” जैसी टिप्पणी की गई, जिससे विवाद और तेज हो गया।

एशियाई देशों में AI कंटेंट पर बढ़ती सख्ती

फिलीपींस से पहले इंडोनेशिया और मलेशिया भी Grok को लेकर सख्त कदम उठा चुके हैं। इंडोनेशिया ने कहा है कि यह कार्रवाई महिलाओं, बच्चों और समाज को AI से बनाए जा रहे फर्जी और अश्लील कंटेंट से बचाने के लिए की गई है। वहीं मलेशिया ने X और xAI के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी तक दे दी है। इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि एशियाई देशों में AI आधारित कंटेंट को लेकर नियमन और सख्ती तेजी से बढ़ रही है।