वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और उनके संयोगों को मानव जीवन पर प्रभाव डालने वाला माना जाता है। इसी क्रम में, दो प्रमुख शुभ ग्रहों, देवगुरु बृहस्पति और दैत्यगुरु शुक्र की स्थिति से एक अत्यंत शुभ ‘समसप्तक योग’ का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह योग कुछ राशियों के लिए सौभाग्य लेकर आ सकता है।
ज्योतिष गणना के मुताबिक, शुक्र ग्रह 12 जून को मिथुन राशि में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि गुरु ग्रह पहले से ही वृषभ राशि में विराजमान हैं। जब दो ग्रह एक-दूसरे से सातवें घर में स्थित होते हैं, तो समसप्तक योग बनता है। इस योग को ज्योतिष में बेहद शक्तिशाली और शुभ फलदायी माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस योग से किन तीन राशियों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
धनु राशि (Sagittarius)
गुरु और शुक्र द्वारा निर्मित यह योग धनु राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। इस अवधि में आपको आकस्मिक धन लाभ होने की प्रबल संभावना है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
करियर के दृष्टिकोण से भी यह समय उत्तम रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं, व्यापार से जुड़े लोगों को कोई बड़ी डील मिल सकती है, जो भविष्य में फायदेमंद साबित होगी। यदि आप नया वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह समय अनुकूल है।
कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि के जातकों के लिए समसप्तक योग भाग्य का द्वार खोल सकता है। इस दौरान आपको किस्मत का पूरा साथ मिलेगा, जिससे लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा।
व्यापारियों को भी कारोबार में सफलता मिलने के योग हैं। जो छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें शुभ समाचार मिल सकता है। इस अवधि में काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है, जो आपके लिए फलदायी रहेगी।
मिथुन राशि (Gemini)
यह शुभ योग मिथुन राशि के जातकों के लिए भी अत्यंत शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। इस दौरान आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आपके व्यक्तित्व में một आकर्षक निखार आएगा, जिससे लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे।
यदि आप साझेदारी में कोई काम करते हैं तो उसमें सफलता मिलने की पूरी संभावना है। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी और जीवनसाथी के साथ संबंध और भी मजबूत होंगे। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल रहेंगे।
(अस्वीकरण: यह लेख ज्योतिषीय गणनाओं, पंचांग और मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।)