एमपी में एलिवेटेड रोड परियोजना को मंजूरी, 28 भवनों पर चलेगा बुलडोजर, खाली प्लॉटों का भी होगा अधिग्रहण

मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में एक बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना के तहत 28 भवनों को गिराने की तैयारी चल रही है। शहर में एलिवेटेड रोड बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। प्रशासन ने प्रभावित भवनों की सूची तैयार कर ली है और संबंधित मालिकों को नोटिस भेजे जा चुके हैं।

क्यों जरूरी है एलिवेटेड रोड?

ग्वालियर शहर में बढ़ते ट्रैफिक और सड़कों पर बढ़ते दबाव ने प्रशासन को एलिवेटेड रोड बनाने पर विचार करने को मजबूर किया। शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जाम की समस्या से आम लोगों को रोजाना परेशानी होती है। एलिवेटेड रोड से यातायात का बोझ काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

28 भवनों की पहचान पूरी

प्रशासन ने एलिवेटेड रोड के प्रस्तावित मार्ग पर आने वाले 28 भवनों की पहचान कर ली है। इनमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की संरचनाएं शामिल हैं। इन भवनों के मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

अधिकारियों के मुताबिक मुआवजे का निर्धारण बाजार दर के आधार पर किया जाएगा। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था भी की जा रही है। जिला प्रशासन ने इस संबंध में एक समिति गठित की है जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी।

परियोजना का स्वरूप

एलिवेटेड रोड परियोजना शहर के सबसे व्यस्त मार्गों को जोड़ेगी। इससे न केवल ट्रैफिक का भार कम होगा बल्कि आवागमन का समय भी घटेगा। परियोजना के पूरा होने पर ग्वालियर की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा।

सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता में रखा है। अधिकारियों का कहना है कि भवन ध्वस्तीकरण और निर्माण कार्य में किसी तरह की देरी नहीं की जाएगी। सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जाएंगी।

प्रभावित लोगों की चिंताएं

भवन मालिकों ने उचित मुआवजे की मांग की है। कई लोग दशकों से इन भवनों में रह रहे हैं। उनके लिए विस्थापन आसान नहीं है। हालांकि प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिक भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान हटने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा। प्रशासन ने कहा है कि व्यापारियों को भी पर्याप्त मुआवजा और वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

आगे की कार्ययोजना

प्रशासन ने भवन ध्वस्तीकरण के लिए समयसीमा तय कर दी है। पहले चरण में अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद मुआवजा वितरण होगा। अंतिम चरण में भवनों को गिराकर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

ग्वालियर शहर के विकास में यह परियोजना मील का पत्थर साबित हो सकती है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद शहर की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है।