ग्वालियर व्यापार मेला: RTO टैक्स में छूट पर रोक से वाहनों की बिक्री थमी, करोड़ों का कारोबार अटका

ग्वालियर के ऐतिहासिक व्यापार मेले की रौनक इस बार फीकी पड़ती नजर आ रही है। मेले का सबसे बड़ा आकर्षण माने जाने वाले ऑटोमोबाइल सेक्टर में सन्नाटा पसरा हुआ है। इसका मुख्य कारण आरटीओ (RTO) टैक्स में मिलने वाली 50 प्रतिशत की छूट को लेकर बना असमंजस है। राज्य सरकार की ओर से अब तक इस छूट का आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते वाहनों की बिक्री पूरी तरह से थम गई है।

मेले में आए ऑटोमोबाइल डीलर्स और शोरूम मालिक ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन टैक्स छूट की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण खरीदार बुकिंग से पीछे हट रहे हैं। हर साल इस मेले में करोड़ों रुपये का ऑटोमोबाइल व्यापार होता है, लेकिन इस बार प्रशासनिक देरी ने व्यापारियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

छूट के इंतजार में अटकी बुकिंग

ग्वालियर व्यापार मेले की पहचान यहां वाहनों की खरीद पर मिलने वाली विशेष छूट रही है। प्रदेश भर से लोग यहां गाड़ियां खरीदने आते हैं क्योंकि उन्हें रोड टैक्स में 50 फीसदी की भारी राहत मिलती है। हालांकि, इस वर्ष मेला शुरू होने के बावजूद परिवहन विभाग या राज्य शासन की ओर से छूट का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, जिन लोगों ने गाड़ियां पसंद कर ली थीं, वे भी अब अंतिम भुगतान करने से बच रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक शोरूम पर आ रहे हैं, पूछताछ कर रहे हैं, लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि टैक्स छूट का आदेश अभी नहीं आया है, तो वे खरीदारी टाल देते हैं। इससे न केवल डीलर्स का नुकसान हो रहा है, बल्कि मेले के कुल राजस्व पर भी गहरा असर पड़ रहा है।

करोड़ों के कारोबार पर संकट

ऑटोमोबाइल सेक्टर ग्वालियर मेले की रीढ़ माना जाता है। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां अरबों रुपये का कारोबार केवल वाहनों की बिक्री से होता था। इस बार भी उम्मीद थी कि व्यापार नए रिकॉर्ड बनाएगा, लेकिन शुरुआती दिनों में ही टैक्स छूट के पेंच ने सब कुछ रोक दिया है। कई डीलर्स ने मेले में बड़े-बड़े स्टॉल लगाए हैं, जिन पर लाखों रुपये का खर्च आया है। अब बिक्री न होने से उनकी लागत निकलना भी मुश्किल दिख रहा है।

प्रशासनिक देरी से नाराजगी

व्यापारियों और स्थानीय संगठनों में इस देरी को लेकर काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि मेला शुरू होने से पहले ही सरकार को यह स्थिति स्पष्ट कर देनी चाहिए थी। हर साल यह प्रक्रिया अंतिम समय तक लटकी रहती है, जिससे व्यापार प्रभावित होता है। चैंबर ऑफ कॉमर्स और अन्य व्यापारिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द आरटीओ टैक्स में छूट का गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाए ताकि रुका हुआ व्यापार फिर से गति पकड़ सके।

यदि जल्द ही इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो इस साल का ग्वालियर व्यापार मेला ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए सबसे निराशाजनक साबित हो सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें भोपाल से आने वाले आदेश पर टिकी हैं।