उज्जैन जिले में मंगलवार रात हुई ओलावृष्टि और आंधी-तूफान से प्रभावित किसानों की फसलों का नुकसान आकलन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सीधे निर्देश पर राजस्व विभाग ने तत्काल सर्वे प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिला कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार रात से ही राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। प्रशासन ने सभी तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों को गांव-गांव जाकर क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं।
किसानों को नुकसान नहीं होने देंगे: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी किसान को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। ओलावृष्टि से प्रभावित सभी किसानों की फसल क्षति का पूरा आकलन किया जा रहा है।
राजस्व विभाग के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में जाकर खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं। सर्वे में फसल की किस्म, क्षतिग्रस्त क्षेत्र और नुकसान की मात्रा का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
तेज गति से चल रहा सर्वे कार्य
कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। सभी स्तर के राजस्व अधिकारियों को मैदान में उतारा गया है। सर्वे रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार की जाएगी ताकि किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके।
मंगलवार रात अचानक आए आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से उज्जैन जिले के कई गांवों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ था। किसानों ने तत्काल प्रशासन से मदद की अपील की थी।
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सर्वे पूरा होते ही मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जा रही है।