इंदौर में रंगपंचमी के अवसर पर निकलने वाली पारंपरिक गेर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की तैयारी की है। हर साल की तरह इस बार भी शहर में बड़ी संख्या में लोग गेर उत्सव में शामिल होंगे, इसलिए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष मेडिकल इंतजाम किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने गेर मार्गों पर 10 एम्बुलेंस और लगभग 40 डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की योजना बनाई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस बार गेर मार्गों पर दो हाईटेक एम्बुलेंस के साथ कुल 10 एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी। इनमें एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस वाहन शामिल होंगे। ये एम्बुलेंस सुबह 9 बजे से लेकर गेर महोत्सव के समाप्त होने तक लगातार तैनात रहेंगी। हर एम्बुलेंस में एक डॉक्टर और दो नर्सिंग स्टाफ की टीम मौजूद रहेगी, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य आपात स्थिति में मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी ने बताया कि प्रशासन द्वारा तय किए गए गेर मार्गों पर विशेष ‘हॉटस्पॉट’ चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीम की ड्यूटी लगाई गई है। यह व्यवस्था टोरी कॉर्नर से लेकर गोराकुंड, राजबाड़ा, इमामबाड़ा, जवाहर मार्ग और एमजी रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर की गई है, जहां गेर के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ रहने की संभावना रहती है।
गेर मार्ग के जिन प्रमुख स्थानों को मेडिकल हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है उनमें टोरी कॉर्नर, गोराकुंड चौराहा, सुभाष चौक (खजूरी बाजार), अन्नापान भंडार राजबाड़ा, एसबीआई बैंक राजबाड़ा, इमामबाड़ा राजबाड़ा, एमजी रोड पुलिस स्टेशन, नरसिंह बाजार चौराहा, बजाज खाना चौक और जवाहर मार्ग शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर एम्बुलेंस के साथ मेडिकल टीम तैनात रहेगी, ताकि किसी भी घायल या अस्वस्थ व्यक्ति को तुरंत उपचार मिल सके।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने इमरजेंसी हेल्थ हेल्प के लिए एक विशेष संपर्क नंबर भी जारी किया है। किसी भी चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ने पर लोग हेल्थ विभाग के प्रोटोकॉल ऑफिसर विवेक बंसोड़ के मोबाइल नंबर 87700-44700 पर संपर्क कर सकते हैं। यह आपातकालीन सेवा सुबह 9 बजे से लेकर गेर रंगपंचमी महोत्सव के समाप्त होने तक सक्रिय रहेगी, ताकि उत्सव के दौरान नागरिकों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।