स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, हर परिवार को ORS-जिंक किट वितरित

भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित घटना के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही लगातार कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। मंगलवार को प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सघन भ्रमण किया। भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक (RoHFW-GOI) डॉ. चंद्रशेखर गेदाम एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कोबो टूल के माध्यम से विस्तृत सर्वे किया गया। इस डिजिटल टूल की मदद से घर-घर जाकर रियल-टाइम में स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताओं की जानकारी जुटाई गई।

एम्बुलेंस, 24×7 डॉक्टर और नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था

कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार भागीरथपुरा क्षेत्र में 5 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं और 24 घंटे चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। गंभीर मरीजों को एम.वाय. अस्पताल, अरविंदो अस्पताल और बच्चों को चाचा नेहरू अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। जो मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, वहां भी नि:शुल्क उपचार, जांच और दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी द्वारा दिए गए हैं।

पेयजल व्यवस्था में सुधार और क्लोरीनेशन पर जोर

प्रशासन और नगर निगम के संयुक्त प्रयास से प्रभावित क्षेत्रों में नर्मदा और बोरिंग पाइपलाइनों के लीकेज सुधार का कार्य कराया गया है। वर्तमान में जिस टंकी से पानी की आपूर्ति की जा रही है, उसे सुपर क्लोरीनेट (2 PPM से अधिक) कर जल वितरण किया जा रहा है। साथ ही पाइपलाइन की फ्लशिंग की जा रही है और घरों तक पहुंच रहे नर्मदा जल में रेसिड्यूल क्लोरीन की नियमित जांच की जा रही है। इसके अलावा लगभग 450 निजी बोरवेल का भी क्लोरीनेशन कराया गया है। ड्रेनेज चैंबर, बैकलेन और नालियों की व्यापक सफाई भी जारी है।

61 टीमों ने घर-घर किया सर्वे, दवाइयों का वितरण

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में विस्तृत सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके लिए कुल 61 टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने कोबो टूल के माध्यम से प्रत्येक घर में जाकर सर्वे किया। सर्वे के दौरान हर परिवार को ओ.आर.एस. के 10 पैकेट, जिंक की 30 गोलियां और क्लिनवेट ड्रॉप वितरित किए गए।

क्लिनवेट उपयोग और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

सर्वे टीमों ने नागरिकों को क्लिनवेट के सही उपयोग की जानकारी दी। बताया गया कि 10 लीटर पानी में क्लिनवेट की 10 बूंदें डालकर उसे एक घंटे तक रखने के बाद उपयोग करें, जिससे पानी शुद्ध हो जाता है। इसके साथ ही लोगों को दवाइयों का पूरा डोज लेने, पानी उबालकर पीने, हाथ धोने की सही विधि और संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने के बारे में जागरूक किया गया। नागरिकों को टोल-फ्री नंबर 940-650-5508 की जानकारी भी दी गई।

हजारों घरों तक पहुंच, हजारों लोगों को राहत किट

स्वास्थ्य विभाग की टीमों, जिनमें नर्सिंग ऑफिसर, सीएचओ, आशा और एएनएम शामिल थीं, ने लगातार दो दिनों में 5,013 घरों तक पहुंच बनाई। इस दौरान लगभग 24,786 लोगों को स्वास्थ्य किट वितरित की गई और आईईसी गतिविधियों के तहत परामर्श दिया गया। सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को क्लोरीनेटेड और रोगाणु मुक्त पानी उपलब्ध हो सके।

अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में कुल 99 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनका उपचार जारी है। इनमें से 16 मरीज आईसीयू में हैं और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।