जय अनमोल अंबानी मामले में हाई कोर्ट सख्त, बैंक नोटिस पर राहत नहीं

उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के निदेशक जय अनमोल अंबानी को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए शो कॉज नोटिस पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जसमीत कौर ने साफ कहा कि मौजूदा स्तर पर अदालत का हस्तक्षेप उचित नहीं है।

10 दिन में बैंक को जवाब देने का निर्देश

हाई कोर्ट ने जय अनमोल अंबानी को निर्देश दिया है कि वे 10 दिनों के भीतर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के समक्ष अपना जवाब दाखिल करें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बैंक की ओर से जारी किसी भी अंतरिम आदेश का प्रभाव इस याचिका में आगे पारित होने वाले आदेश पर निर्भर करेगा। यानी फिलहाल बैंक की कार्रवाई पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।

शो कॉज नोटिस पर रोक से कोर्ट का इनकार

अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि वह बैंक द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर रोक नहीं लगाएगी। कोर्ट ने जय अनमोल अंबानी से कहा कि वे नोटिस का विधिवत जवाब दें और अपनी सभी आपत्तियां बैंक के समक्ष रखें। अदालत ने यह भी जोड़ा कि बैंक उनके जवाब पर विचार करेगा और आवश्यक आदेश पारित करेगा।

जय अनमोल अंबानी के वकील की दलीलें

सुनवाई के दौरान जय अनमोल अंबानी की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि 22 दिसंबर 2025 को जारी नोटिस में कई तथ्यात्मक त्रुटियां हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाधान योजना के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, उसे सभी कर्जदाता बैंकों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। ऐसे में कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित है।

देरी से जारी नोटिस पर भी उठाया सवाल

जय अनमोल अंबानी के वकील ने यह भी तर्क दिया कि यूनियन बैंक के पास वर्ष 2020 से ही संबंधित जानकारियां मौजूद थीं। इसके बावजूद पांच साल बाद नोटिस जारी करना कानून के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने इसे मनमाना और प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया।

बैंक ने किया याचिका का विरोध

वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से पेश वकील ने याचिका का कड़ा विरोध किया। बैंक के वकील ने कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी करने के दौरान अदालत के हस्तक्षेप का दायरा सीमित होता है। हालांकि, इस पर जस्टिस जसमीत कौर ने सवाल उठाया कि दिवालिया कानून के तहत समाधान योजना को मंजूरी मिलने के बाद ऐसा नोटिस किस आधार पर जारी किया गया।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों पर जताई गंभीरता

अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर विचार किया जाना जरूरी है। साथ ही कोर्ट ने यूनियन बैंक से इस पूरे मामले में एक विस्तृत आदेश पेश करने को भी कहा है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई जय अनमोल अंबानी के जवाब और बैंक के निर्णय पर निर्भर करेगी।