इंदौर। गंभीर कॉर्नियल रोगों के कारण दृष्टि खो चुके मरीजों के लिए इंदौर का आर.के. आई एंड रेटिना सेंटर नई उम्मीद बनकर उभरा है। सेंटर में चीफ कॉर्निया, कैटरेक्ट एवं रिफ्रैक्टिव सर्जन डॉ. त्रुशा अग्रवाल द्वारा अत्यंत जटिल केराटोप्रोस्थेसिस (कृत्रिम कॉर्निया प्रत्यारोपण) सर्जरी नियमित रूप से की जा रही है। दावा किया गया है कि मध्यप्रदेश में इस प्रक्रिया को नियमित रूप से करने वाली वे एकमात्र नेत्र सर्जन हैं। अब तक 10 से अधिक मरीज इस उन्नत तकनीक से लाभान्वित हो चुके हैं।
यह सर्जरी उन मरीजों के लिए उपयोगी मानी जाती है, जिनका सामान्य कॉर्निया प्रत्यारोपण असफल हो चुका हो या सफल होने की संभावना बहुत कम हो। विशेषज्ञों के अनुसार इस जटिल प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित कॉर्निया सर्जन, रेटिना व ग्लूकोमा विशेषज्ञों की समन्वित टीम, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और दीर्घकालीन फॉलो-अप की आवश्यकता होती है।
सेंटर के फाउंडर डायरेक्टर डॉ. राजेंद्र अग्रवाल, चीफ रेटिना सर्जन डॉ. सुमीत अग्रवाल और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सुधा अग्रवाल के नेतृत्व में संस्थान जटिल नेत्र रोगों का समग्र उपचार उपलब्ध करा रहा है। सेंटर का कहना है कि इस सुविधा से अब मरीजों को कृत्रिम कॉर्निया सर्जरी के लिए दिल्ली, मुंबई या चेन्नई जैसे महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य इस उन्नत उपचार के प्रति मरीजों और चिकित्सकों में जागरूकता बढ़ाना है।