होली का त्योहार नजदीक आते ही भारतीय रेलवे में सीटों के लिए मारामारी शुरू हो गई है। देशभर के प्रमुख रूटों पर चलने वाली ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना लगभग असंभव हो गया है। भोपाल, दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे बड़े स्टेशनों से जुड़े रूटों पर वेटिंग लिस्ट सैकड़ों तक पहुंच चुकी है।
कई ट्रेनों में सीटें फुल, वेटिंग भी भारी
होली से पहले के दिनों में यात्रियों की संख्या में भारी उछाल देखा जा रहा है। भोपाल से दिल्ली, पटना, वाराणसी, इलाहाबाद और लखनऊ जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में कन्फर्म सीट उपलब्ध नहीं है। स्लीपर और थर्ड एसी कोच में सबसे ज्यादा मांग है।
जनरल टिकट काउंटरों पर भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई यात्री तत्काल कोटा में टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वहां भी सीटें मिनटों में खत्म हो जा रही हैं।
रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेनें, फिर भी कम पड़ रही सीटें
भारतीय रेलवे ने होली के मद्देनजर कई स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। इसके बावजूद यात्रियों की भारी संख्या के कारण मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है। पश्चिम मध्य रेलवे ज़ोन से भी अतिरिक्त ट्रेनें संचालित की जा रही हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कुछ ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को सफर का मौका मिल सके। लेकिन प्लेटफॉर्म की लंबाई और तकनीकी सीमाओं के चलते हर ट्रेन में कोच बढ़ाना संभव नहीं है।
यात्रियों के लिए विकल्प क्या हैं?
जिन यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा, वे कई विकल्प अपना रहे हैं। कुछ लोग बस सेवाओं का सहारा ले रहे हैं तो कुछ निजी वाहनों से सफर कर रहे हैं। हवाई किराए भी इस दौरान काफी बढ़ गए हैं।
IRCTC की वेबसाइट और ऐप पर RAC और वेटिंग लिस्ट टिकट लेकर कई यात्री उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कैंसिलेशन से उनकी सीट कन्फर्म हो जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि होली से 3-4 दिन पहले कैंसिलेशन बढ़ता है, जिससे कुछ वेटिंग टिकट कन्फर्म हो सकते हैं।
भोपाल से प्रमुख रूटों की स्थिति
भोपाल से दिल्ली जाने वाली शताब्दी, राजधानी और भोपाल एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में होली से एक सप्ताह पहले तक की सीटें भर चुकी हैं। इसी तरह पटना, गोरखपुर और वाराणसी रूट पर महामना एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों में भी स्थिति समान है।
उत्तर भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा दबाव है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के शहरों से अपने गृहनगर जाते हैं।
रेलवे की अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे पहले से प्लानिंग करके टिकट बुक करें। बिना टिकट यात्रा करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। त्योहारी सीजन में अतिरिक्त RPF और टिकट चेकिंग स्टाफ तैनात किया गया है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक रूटों और ट्रेनों का भी पता लगाएं। कई बार कम लोकप्रिय रूटों से होकर जाने वाली ट्रेनों में सीटें उपलब्ध रहती हैं।
हर साल दोहराई जाती है यह समस्या
होली, दीवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर रेलवे में सीटों का संकट हर साल देखा जाता है। पिछले वर्षों में भी ऐसी ही स्थिति रही थी जब लाखों यात्री कन्फर्म टिकट के बिना स्टेशनों पर खड़े रहे। रेलवे बार-बार स्पेशल ट्रेनें चलाता है, लेकिन बुनियादी ढांचे की सीमाएं इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने देतीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक रेलवे की क्षमता में बड़ा विस्तार नहीं होता, त्योहारी सीजन में यह परेशानी बनी रहेगी। फिलहाल यात्रियों को धैर्य रखना और पहले से तैयारी करना ही सबसे अच्छा उपाय है।