Indore News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आज चश्मा रिटेल चेन ‘लेंसकार्ट’ की कथित ‘एंटी-हिंदू ड्रेस कोड पॉलिसी’ को लेकर भारी बवाल मच गया। वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन (मध्य प्रदेश) के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने विजय नगर स्थित शोरूम का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान न केवल कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की गई, बल्कि विरोध स्वरूप चश्मे तोड़े गए और महिला कर्मचारियों को जबरन तिलक-बिंदी लगाकर सनातन प्रतीकों के प्रति एकजुटता दिखाई गई।

विवाद की जड़: भेदभावपूर्ण ‘ग्रूमिंग गाइड’
विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुई लेंसकार्ट की एक पुरानी आंतरिक “स्टाफ यूनिफॉर्म एंड ग्रूमिंग गाइड” से हुई। संगठन का आरोप है कि इस नीति में तिलक, बिंदी, कलावा, सिंदूर और मंगलसूत्र जैसे हिंदू धार्मिक प्रतीकों को कार्यस्थल पर पहनने से मना किया गया था, जबकि कथित तौर पर अन्य धर्मों के प्रतीकों (जैसे हिजाब) को लेकर उदारता बरती गई थी। हिंदू संगठनों ने इसे सीधे तौर पर ‘धार्मिक भेदभाव’ और सनातन संस्कृति का अपमान करार दिया है।
दिग्गज संतों और पदाधिकारियों का नेतृत्व
इस प्रदर्शन का नेतृत्व वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने किया। उनके साथ सिद्धेश्वर पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी अतुलानंद जी महाराज, मठ-मंदिर प्रमुख पंडित वासुदेव त्रिपाठी, महिला प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुनीता जायसवाल और मंडल महामंत्री चिंटू सांगले सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही।
अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि “लेंसकार्ट जैसी कंपनियां हिंदू कर्मचारियों के संवैधानिक और सांस्कृतिक अधिकारों का हनन कर रही हैं। यदि कार्यस्थल पर एक धर्म के प्रतीकों को जगह मिल सकती है, तो हिंदू प्रतीकों पर पाबंदी क्यों? यह भेदभाव अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम सड़क से लेकर अदालत तक इस लड़ाई को ले जाएंगे।”
प्रदर्शन का उग्र स्वरूप: तोड़े चश्मे, लगाया तिलक
विजय नगर स्थित शोरूम के बाहर माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने शोरूम के चश्मों को फेंककर तोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने ‘सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए। इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने शोरूम के भीतर जाकर वहां कार्यरत महिला कर्मचारियों को तिलक और बिंदी लगाई। उन्होंने अपील की कि वे अपनी धार्मिक पहचान को छिपाने के बजाय गर्व के साथ धारण करें।


पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी…
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सांकेतिक प्रदर्शन नहीं है। संगठन ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
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कंपनी अपनी भेदभावपूर्ण नीति के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
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लिखित में गारंटी दी जाए कि भविष्य में हिंदू प्रतीकों पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी।
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पुरानी नीति बनाने वाले अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए।