Indore News : इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लापरवाही सामने आने के बाद नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव और एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इतना ही नहीं, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को तत्काल प्रभाव से इंदौर से हटा दिया गया है।
जल वितरण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से भी उनका प्रभार वापस ले लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम में रिक्त पड़े सभी जरूरी पदों को जल्द भरने के निर्देश जारी किए हैं।
हाईकोर्ट में सरकार का दावा: सिर्फ 4 मौतें
शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर हाईकोर्ट में इस मामले पर अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश की। चौंकाने वाली बात यह है कि सरकार ने आधिकारिक तौर पर दूषित पानी से सिर्फ 4 लोगों की मौत होने की बात स्वीकार की है। यह आंकड़ा तब सामने आया है, जब मृतकों के परिजनों और स्थानीय अस्पतालों के माध्यम से अब तक करीब 15 मौतों की जानकारी सामने आ चुकी है।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों में उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बुखार जैसे लक्षण पाए गए हैं। पीड़ितों में 5 महीने के मासूम बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।
राहुल गांधी का हमला: ‘डबल इंजन सरकार जिम्मेदार’
इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ पानी को जीवन का अधिकार बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
“साफ पानी कोई अहसान नहीं, बल्कि जीवन का अधिकार है। इस अधिकार की ‘हत्या’ के लिए बीजेपी का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है।” — राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष