मोदी विधेयक पेश नही करते तो !….. ‘संसद भवन भी वक्फ की संपत्ति बन जाता’-केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करते हुए जोरदार बयान दिया। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय दिल्ली की 123 वक्फ संपत्तियाँ वक्फ बोर्ड को सौंप दी गई थीं, और अगर यह विधेयक पेश नहीं किया जाता, तो संसद भवन भी वक्फ की संपत्ति बन जाता। रिजिजू ने आरोप लगाया कि अगर मोदी सरकार यह बिल नहीं लाती, तो शायद और भी कई सरकारी संपत्तियाँ वक्फ को दी जातीं।

वक्फ बिल को गैर-संवैधानिक नहीं माना?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का कहना था कि इस संशोधन को गैर-संवैधानिक कहने वाले लोग यह भूल रहे हैं कि पहले कभी वक्फ बिल को गैर-संवैधानिक नहीं माना गया था। विधेयक पेश करते वक्त कांग्रेस ने विरोध किया और हंगामा किया। केसी वेणुगोपाल ने विधेयक का तीखा विरोध किया, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसका जोरदार जवाब दिया। शाह ने कहा, “यह विधेयक जेपीसी कमेटी के सुझाव पर आधारित है, और कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है। इस पर किसी तरह का प्वाइंट ऑफ ऑर्डर नहीं बनता।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के समय की तरह कमेटियाँ अब काम नहीं करतीं, हमारी कमेटियाँ सशक्त और चिंतनशील हैं।

दूसरा कानुन पहले से ऊपर नहीं हो सकता

केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड के नियमों में बदलाव पहले भी किया गया था, लेकिन इस बार यह कानून के अनुरूप है और दूसरा कानून पहले से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि विधेयक के खिलाफ जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनके दिलों में एक दिन बदलाव आएगा, और वे भी इसका समर्थन देंगे। इस पूरी प्रक्रिया ने लोकसभा में एक रोमांचक मोड़ लिया, जहां दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी, लेकिन रिजिजू के बयान ने संसद में हलचल मचा दी।