स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से 2 महिलाओं की मौत, 70 से ज्यादा बीमार, निगम के जिम्मेदार अधिकारी गायब

Indore News : स्वच्छता के शिखर पर विराजमान ‘सपनों के शहर’ इंदौर से एक विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 के अंतर्गत आने वाले भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 70 से अधिक लोग संक्रमण का शिकार होकर अस्पतालों में भर्ती हैं।

यह घटना शहर के “नंबर वन” स्वच्छता के दावों और नगर निगम की जमीनी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

मौत का तांडव और परिजनों का आक्रोश

भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा था। परिजनों के अनुसार, सीमा और उर्मिला नामक दो महिलाओं की तबीयत पानी पीने के बाद बिगड़ी। उन्हें लगातार उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की शिकायत हुई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि नगर निगम को बार-बार सूचना देने के बावजूद ड्रेनेज मिक्स पानी की समस्या को समय रहते हल नहीं किया गया, जिससे यह त्रासदी हुई।

अस्पताल में भर्ती दर्जनों लोग, ‘बैक्टीरियल इन्फेक्शन’ की पुष्टि

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वयं क्षेत्र का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में यह मामला बैक्टीरियल इन्फेक्शन का लग रहा है। अब तक 70 से अधिक रहवासी बीमार हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 30-35 लोग अभी भी विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दूषित पानी के कारण लोगों के शरीर में संक्रमण फैला है, जिससे गंभीर लूज मोशन और उल्टी की समस्या उत्पन्न हुई है।

मंत्री और महापौर सक्रिय, निगम के ‘जिम्मेदार’ गायब?

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टीम पीड़ितों की सहायता और इलाज के इंतजामों में जुटी है।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने रात में ही अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हाल जाना और स्वास्थ्य व पीएचई (PHE) विभाग की टीमों को क्षेत्र में तैनात किया है। हालांकि, स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि जब समस्या शुरू हुई थी, तब नगर निगम के संबंधित अधिकारी नदारद थे।

प्रशासन की कार्रवाई और एहतियात

महापौर ने जल कार्य विभाग को तत्काल ड्रेनेज और पेयजल लाइनों के मिलान बिंदु (लीकेज) खोजने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्र से पानी के सैंपल लिए गए हैं और मलेरिया विभाग की टीमें भी अलर्ट पर हैं। प्रशासन ने रहवासियों से अपील की है कि:

  • आगामी कुछ दिनों तक पानी को उबालकर ही पिएं।

  • किसी भी प्रकार की बेचैनी या उल्टी-दस्त होने पर तुरंत स्वास्थ्य शिविर में संपर्क करें।

  • निगम द्वारा भेजे जा रहे टैंकरों के पानी का ही उपयोग करें।

स्वच्छता के गौरव पर ‘गंदे पानी’ का दाग

इंदौर लगातार सात बार से देश का सबसे स्वच्छ शहर बन रहा है, लेकिन भागीरथपुरा की इस घटना ने प्रशासन की पोल खोल दी है। व्यंग्यात्मक लहजे में लोग अब यह कह रहे हैं कि “मुस्कुराइए, आप सबसे स्वच्छ शहर में हैं”, लेकिन इस मुस्कुराहट के पीछे असुरक्षित पेयजल की कड़वी सच्चाई छिपी है। क्या सिर्फ सड़कों की सफाई ही स्वच्छता है, या नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना भी निगम की प्राथमिकता में शामिल है?

फिलहाल, पूरा इलाका दहशत में है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है। देखना यह होगा कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।