New Delhi: भारत और अमेरिका ने व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देते हुए एक अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) के फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। इस अहम समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स खत्म कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार की राह आसान होगी।
इस डील के तहत भारत अगले पांच सालों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर (करीब 45 लाख करोड़ रुपये) के उत्पाद खरीदेगा।
यह फ्रेमवर्क एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में पहला बड़ा कदम है। दोनों देशों ने कहा है कि इसे जल्द लागू कर आगे की बातचीत बढ़ाई जाएगी। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका का विशाल बाजार खुल जाएगा।
भारतीय निर्यातकों के लिए 30 लाख करोड़ डॉलर का बाजार
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए 30 लाख करोड़ डॉलर का अमेरिकी बाजार खुलेगा। उन्होंने बताया कि रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है, जो एक बड़ी राहत है।
“यह समझौता MSME, किसानों और मछुआरों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।” — पीयूष गोयल, वाणिज्य मंत्री
समझौते के तहत जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और विमान के पार्ट्स जैसे चुनिंदा भारतीय उत्पादों पर टैरिफ पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। वहीं, अन्य भारतीय सामानों पर भी टैक्स में भारी कटौती की गई है, जिससे वे अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकेंगे।
भारत खरीदेगा 500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पाद
इस समझौते के तहत भारत ने भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का वादा किया है। अगले 5 वर्षों में भारत अमेरिका से कुल 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदेगा। इस खरीदारी में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल होंगी:
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ऊर्जा उत्पाद (Energy Products)
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विमान और उनके पार्ट्स
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कीमती धातुएं
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टेक्नोलॉजी उत्पाद
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कोकिंग कोल