होली का त्यौहार अब और भी खास हो गया है, क्योंकि इस बार भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। महंगाई दर में गिरावट और औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि के साथ देश की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। ये खबर खास तौर पर भारतीयों के लिए खुशी का मौका लेकर आई है।
महंगाई में 7 महीने में आई बड़ी गिरावट
भारत की खुदरा महंगाई दर फरवरी में 3.61% तक पहुंच गई, जो जनवरी में 4.26% थी। यह पिछले 7 महीने का सबसे कम आंकड़ा है, और RBI के निर्धारित दायरे से भी काफी कम है। इस गिरावट का असर खासकर सब्जियों की कीमतों पर देखा गया, जैसे आलू, प्याज, टमाटर और हरी सब्जियों में कमी आई। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी राहत महसूस की गई।
औद्योगिक उत्पादन में हुई शानदार बढ़ोतरी
जनवरी 2025 में भारत के औद्योगिक उत्पादन में 5% की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले साल की इसी अवधि से अधिक है। यह आंकड़ा, दिसंबर 2024 के मुकाबले (जिसमें 3.2% की वृद्धि हुई थी) ज्यादा सकारात्मक नजर आ रहा है। खनन, विनिर्माण, और विद्युत क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन ने इस वृद्धि में अहम योगदान दिया है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में नई उम्मीदें जगी हैं।
फसल और खाद्य मुद्रास्फीति में कमी का असर
महंगाई दर में गिरावट के पीछे मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी है। खासकर सब्जियों, अंडे, मांस-मछली, दालों और दूध उत्पादों की कीमतों में गिरावट आई है। इसने फरवरी में खुदरा महंगाई दर को 3.75% तक पहुंचा दिया, जो भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत का संदेश है।