इंदौर में 2024 में डॉ प्रेरणा बाफना को बहुभाषी व आयुर्वेद शोध योगदान पर सम्मान

इंदौर में आर.एन. कपूर मेमोरियल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मेडिसिन विभाग द्वारा आयोजित समारोह में आयुर्वेद, ज्योतिष और बहुभाषी विद्वता के क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत डॉ. श्रीमती प्रेरणा दिघे‑बाफना को उनके अद्वितीय शैक्षणिक, शोधात्मक एवं सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय पारंपरिक ज्ञान-विज्ञान को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने में उनके सतत प्रयासों की पहचान है।

डॉ. बाफना ने 1991-92 में पुणे विश्वविद्यालय से बी.ए.एम.एस. में प्रथम स्थान और 1995 में एम.डी. (काया चिकित्सा) में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। वे संस्कृत, प्राकृत, रूसी, बंगाली, मराठी, हिंदी, अंग्रेज़ी और मारवाड़ी सहित आठ भाषाओं में दक्ष हैं।

1995 में उन्हें रूसी सरकार ने भारतीय पारंपरिक चिकित्सा अनुसंधान हेतु आमंत्रित किया। ज्योतिष द्वारा रोग-निदान विषय पर पीएचडी कर वे भारत की छठी महिला बनीं। वर्तमान में वे आर.एन. कपूर कॉलेज के जनरल मेडिसिन विभाग की एचओडी और प्रोफेसर हैं।

शोध और मार्गदर्शन

सफेद दाग पर शोध के लिए उन्हें पुणे विश्वविद्यालय से ₹5 लाख की फेलोशिप मिली। उन्होंने 16 से अधिक एम.डी. विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और महिलाओं में बांझपन पर विशेष शोध किया। ज्योतिष में 30,000 से अधिक कुंडलियों का अध्ययन और 20,000 विवाह मार्गदर्शन के साथ उनकी सफलता दर 90–95% रही है।

उन्होंने दैनिक सर्वमत, लोकमत सहित कई समाचार-पत्रों में लेख लिखे और ‘सकाळ’ द्वारा विभिन्न शहरों में व्याख्यान दिये। रेडियो के ‘हेलो डॉक्टर’ कार्यक्रम में 2008, 2011, 2012 और 2024 में स्वास्थ्य दिवस पर व्याख्यान और प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया।

सामाजिक योगदान

डॉ. बाफना ने देशभर में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये और 300 से अधिक जैन साधु-साध्वियों को आयुर्वेद-ज्योतिष मार्गदर्शन दिया। उनकी पुस्तक ‘नक्षत्र वाटिका का आयुर्वेद में उपयोगिता’ प्रकाशित हुई है। वे महाराष्ट्र शासन के सामाजिक न्याय विशेष विभाग की विशेष सलाहकार भी हैं।

कार्यक्रम में समाजसेवी वीरेन्द्र कुमार जैन और श्रीमती रेखा जैन ने कहा कि डॉ. प्रेरणा बाफना का कार्य भारतीय ज्ञान-परंपरा को वैज्ञानिक आधार और मानवीय संवेदना के साथ आगे बढ़ाने वाला है। इस अवसर पर श्री संजय बाफना उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. खुशी अग्रवाल ने किया और आभार डॉ. यशवंत तांबेकर ने व्यक्त किया।