इंदौर में मिलावटखोरों पर प्रशासन की कार्रवाई: अवैध आइस लॉली फैक्ट्री सील, 190 किलो सामग्री जब्त

indore news: गर्मी की दस्तक के साथ ही इंदौर जिला प्रशासन ने आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के विरुद्ध अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है। कलेक्टर शिवम वर्मा के कड़े निर्देशों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान छेड़ दिया है।
इसी कड़ी में शुक्रवार को पालदा क्षेत्र में एक अवैध आइस लॉली (चुस्की) निर्माण इकाई पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है।
बगैर लाइसेंस बोरिंग के पानी से बन रही थी ‘मीठा जहर’
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल ने बाबूलाल नगर, पालदा मेन रोड स्थित मेसर्स कृष्णा पेप्सी पर औचक छापा मारा। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि श्रीमती कृष्णा प्रजापत द्वारा संचालित इस इकाई के पास खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस या पंजीयन तक नहीं था।
जांच में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले थे:
  • अशुद्ध जल का उपयोग: आइस लॉली बनाने के लिए सीधे बोरिंग के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा था। संचालक के पास पानी के पीने योग्य (Potable) होने का कोई लैब सर्टिफिकेट नहीं था।
  • सैकरीन का अवैध प्रयोग: मिठास के लिए इसमें आर्टिफिशियल स्वीटनर ‘सैकरीन’ मिलाया जा रहा था। नियमानुसार पैकेट पर इसकी जानकारी देना अनिवार्य है, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा था।
  • गंदगी और अस्वच्छता: निर्माण स्थल पर कार्यरत कर्मचारी व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) का पालन नहीं कर रहे थे, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ था।
भारी मात्रा में सामग्री जब्त और नमूने सील
विभाग ने मौके से लगभग 6250 नग (करीब 190 किलोग्राम) तैयार आइस लॉली और कच्चा माल जब्त किया है। दल ने कुल 5 नमूने लिए हैं, जिनमें आइस लॉली, ‘महाराज सॉफ्ट ड्रिंक’ और आर्टिफिशियल स्वीटनर शामिल हैं। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए फैक्ट्री को मौके पर ही सील कर दिया गया है।
सड़कों पर उतरी ‘मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब’
केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि प्रशासन जागरूकता और ऑन-द-स्पॉट टेस्टिंग पर भी जोर दे रहा है। शुक्रवार को ही विभाग की चलित खाद्य प्रयोगशाला (Mobile Lab) ने खातीवाला टैंक और राजेंद्र नगर क्षेत्रों का दौरा किया।
इस दौरान टीम ने होटल, रेस्टोरेंट और जूस सेंटर्स की जांच की। बावर्ची खाना, बाबा साहेब डेयरी, गुप्ता श्री गजक, मां चामुंडा स्वीट्स और जैन फूड हब जैसे प्रमुख प्रतिष्ठानों से कुल 34 नमूने लिए गए, जिनकी मौके पर ही प्राथमिक जांच की गई। इसके अतिरिक्त, चावल और ग्रेवी के नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।
कलेक्टर की दोटूक: “स्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त नहीं”
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “मिलावटखोरों और अस्वच्छ स्थितियों में खाद्य सामग्री बनाने वालों के विरुद्ध zero-tolerance की नीति अपनाई जाएगी।”
खाद्य कारोबारियों के लिए निर्देश:
  1. निर्माण में केवल NABL लैब से प्रमाणित पीने योग्य पानी का उपयोग करें।
  2. परिसर में स्वच्छता और कर्मचारियों की व्यक्तिगत हाईजीन सुनिश्चित करें।
  3. बिना वैध पंजीयन/लाइसेंस के व्यापार करना दंडनीय अपराध है।
जनता से अपील: यदि आपके आसपास कहीं भी मिलावट या गंदगी में खाद्य सामग्री बनाई जा रही है, तो तुरंत प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 0731-181 या 0755-2840621 पर शिकायत दर्ज कराएं। आपकी सतर्कता ही मिलावट मुक्त इंदौर की नींव बनेगी।