इंदौर में टैक्स डिफॉल्टरों पर प्रशासन की नज़र: विनय छजलानी, भदौरिया और रुचि सोया समेत कई रसूखदारों को कुर्की का नोटिस

Indore News: वित्तीय वर्ष की समाप्ति से ठीक पहले इंदौर जिला प्रशासन ने राजस्व वसूली के लिए कमर कस ली है। जिले के कई बड़े रसूखदारों और संस्थानों पर लाखों-करोड़ों का डायवर्जन टैक्स बकाया है, जिसे वसूलने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्त रुख अख्तियार किया है। प्रशासन ने अब बकायादारों की सूची तैयार कर कुर्की की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

सूची में शामिल हैं शहर के बड़े नाम

प्रशासन द्वारा जारी की गई बड़े बकायादारों की लिस्ट में कई प्रभावशाली नाम और डेवलपर्स शामिल हैं:

  • विनय छजलानी (श्रृद्धा एस्टेट): सबसे बड़े बकायादार, जिन पर ₹1.21 करोड़ का टैक्स बाकी है।

  • रुचि सोया: तलावली चांदा स्थित संपत्ति पर ₹25.49 लाख का बकाया।

  • जेएसएम डेवकान (पुष्पेंद्र): इन पर ₹46 लाख से अधिक की राशि लंबित है।

  • ब्रिलियंट रियलिटी: कनाडिया क्षेत्र में ₹37 लाख का टैक्स बकाया।

  • सुरेश सिंह भदौरिया (इंडेक्स कॉलेज): मयंक वेलफेयर सोसायटी पर हजारों का टैक्स बकाया है।

  • अन्य: संजय लुणावत पर ₹22 लाख और एरान डेवलपर्स पर ₹5 लाख की देनदारी है।

जूनी इंदौर तहसील वसूली में सबसे आगे

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जूनी इंदौर तहसील में सबसे ज्यादा 7 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली निकाली गई है। इसके बाद मल्हारगंज तहसील में 5 करोड़, महू में 3 करोड़ और कनाडिया में सवा करोड़ रुपये का राजस्व बकाया है।

15 दिन का अल्टीमेटम: रोजाना होगी कुर्की

कलेक्टर शिवम वर्मा ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वित्तीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किसी भी तरह की ढील न बरती जाए। अगले 15 दिनों तक लगातार कुर्की की कार्यवाही करने को कहा गया है। राजस्व अधिकारियों की टीम अब इन रसूखदारों के ठिकानों पर पहुंचकर वसूली के लिए तकाजा कर रही है। यदि समय सीमा में टैक्स जमा नहीं किया गया, तो संपत्तियों को राजसात करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।