इंदौर नगर निगम ने शहरवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 15 जनवरी से अगले चार महीनों तक पूरे शहर में “संकल्प से सिद्धि अभियान” के अंतर्गत वार्ड स्तरीय विशेष शिविर लगाए जाएंगे। यह अभियान महापौर पुष्यमित्र भार्गव के मार्गदर्शन में संचालित किया जाएगा, जिसके तहत नगर निगम के सभी जोन और वार्ड इस पहल से जुड़ेंगे।
वार्ड स्तर पर मिलेगा समस्याओं का समाधान
इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके ही वार्ड में सुविधाएं उपलब्ध कराना और छोटी-बड़ी समस्याओं का तुरंत निराकरण करना है। शिविरों में रहवासी सड़क, पानी, बिजली, सफाई, ड्रेनेज और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर समाधान किया जा सके और लोगों को नगर निगम कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सरकारी योजनाओं से वंचितों को मिलेगा लाभ
इन शिविरों के माध्यम से उन पात्र नागरिकों को भी राहत मिलेगी, जो अब तक विभिन्न सरकारी योजनाओं से वंचित रह गए हैं। पेंशन योजना, आयुष्मान भारत योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ न मिलने की स्थिति में नागरिक शिविरों में पहुंचकर अपना पंजीयन करा सकेंगे। जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले लोगों को सीधे योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें समय पर लाभ मिल सके।
नागरिकों और प्रशासन के बीच बनेगा सीधा संवाद
नगर निगम इंदौर के एमआईसी सदस्य राजेश उदावत ने बताया कि “संकल्प से सिद्धि अभियान” नागरिकों और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से न सिर्फ वार्ड स्तर की समस्याएं सुलझेंगी, बल्कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेंगी। यह अभियान प्रशासन को जनता के और करीब लाने की दिशा में एक अहम प्रयास है।
नागरिकों से सक्रिय सहभागिता की अपील
नगर निगम की ओर से शहरवासियों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने वार्ड में लगने वाले शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें। अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखें और योजनाओं से जुड़कर इस अभियान को सफल बनाएं। नगर निगम का मानना है कि जनता की सक्रिय भागीदारी से ही “संकल्प से सिद्धि” अभियान अपने उद्देश्य को पूरी तरह हासिल कर सकेगा।