इंदौर जलसंकट: दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा 32 पर पहुंचा, महीनेभर से भर्ती महिला ने वेंटिलेटर पर तोड़ा दम

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी का कहर जारी है। एक और व्यक्ति की मौत के साथ मृतकों की संख्या 32 हो गई है। यह त्रासदी लगातार बढ़ती जा रही है।

स्थानीय निवासियों में डर और गुस्सा दोनों है। प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। लोग सुरक्षित पेयजल की मांग कर रहे हैं।

कैसे शुरू हुई यह त्रासदी

भागीरथपुरा इलाके में कुछ सप्ताह पहले दूषित पानी की समस्या सामने आई थी। पाइपलाइन में सीवर का पानी मिलने से यह संकट पैदा हुआ। शुरुआत में लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई।

धीरे-धीरे मरीजों की संख्या बढ़ती गई। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की हालत गंभीर होती गई। कई लोगों की जान चली गई।

प्रशासन की कार्रवाई

जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई कदम उठाए हैं। प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई। टैंकरों से साफ पानी पहुंचाया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। बीमार लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई है।

जांच में क्या सामने आया

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सीवर लाइन और पानी की पाइपलाइन एक-दूसरे से जुड़ गई थीं। इससे पीने के पानी में गंदगी मिल गई। यह लापरवाही जानलेवा साबित हुई।

नगर निगम के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। कई अधिकारियों को निलंबित किया गया है। जांच समिति गठित की गई है।

पीड़ित परिवारों की पीड़ा

मृतकों के परिवार सदमे में हैं। कई घरों में एक से ज्यादा सदस्य बीमार पड़े हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों के लिए यह दोहरी मार है।

सरकार ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है। लेकिन पीड़ित परिवार इसे नाकाफी बता रहे हैं। वे दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा है। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताया। मुख्यमंत्री से जवाब मांगा जा रहा है।

सत्तारूढ़ दल ने कहा कि जांच निष्पक्ष होगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ितों को न्याय मिलेगा।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

डॉक्टरों का कहना है कि दूषित पानी से टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियां फैलती हैं। समय पर इलाज न मिले तो जान जा सकती है। साफ पानी पीना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि पानी उबालकर पिएं। बाजार का खुला खाना न खाएं। किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।

आगे क्या होगा

प्रशासन ने कहा है कि पूरी पाइपलाइन की जांच होगी। खराब पाइपों को बदला जाएगा। ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए निगरानी तंत्र मजबूत किया जाएगा।

फिलहाल इलाके में अलर्ट जारी है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। स्थिति सामान्य होने में अभी समय लगेगा।

इंदौर की यह त्रासदी पूरे देश के लिए सबक है। पेयजल की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही कितनी जानें ले सकती है यह इस घटना से साफ है।