भागीरथपुरा दूषित जलकांड: हाई कोर्ट में सुनवाई आज, मुख्य सचिव होंगे पेश, 3 मरीज अब भी ICU में भर्ती

Indore News : मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी वितरण से उपजी त्रासदी के मामले में आज हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। इस प्रकरण में दायर विभिन्न जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के समक्ष उपस्थित रहेंगे। प्रशासन इस दौरान क्षेत्र में जल आपूर्ति सुधार और अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा पेश कर सकता है।
मरीजों की स्थिति और मेडिकल बुलेटिन
स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या अब घटकर सात रह गई है। हालांकि, इनमें से तीन मरीजों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और वे वर्तमान में आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं। एक मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है, जबकि दो अन्य मरीजों की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है।
वार्ड में भर्ती तीन अन्य मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार देखा गया है, जिन्हें आज डिस्चार्ज किया जा सकता है। वर्तमान में पांच मरीजों का उपचार बॉम्बे हॉस्पिटल और तीन का अरबिंदो हॉस्पिटल में चल रहा है।
संक्रमण की पृष्ठभूमि और राहत कार्य
भागीरथपुरा में फैले इस जल जनित संक्रमण ने व्यापक स्तर पर तबाही मचाई है। अब तक इस मामले में 450 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं, जबकि 28 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों में डायरिया के नए मामलों में भारी कमी आई है। अब रोजाना केवल एक या दो मरीज ही सामने आ रहे हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया जाता है और उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
पेयजल आपूर्ति और बुनियादी ढांचे का सुधार
क्षेत्र में जल संकट और सुरक्षा को देखते हुए वर्तमान में केवल 30 प्रतिशत हिस्से में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है। संक्रमण के डर से स्थानीय निवासी अभी भी निजी टैंकरों और आरओ के पानी पर निर्भर हैं।
दूसरी ओर, क्षेत्र के 70 प्रतिशत हिस्से में नई मुख्य पाइपलाइन बिछाने का कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नगर निगम प्रशासन को उम्मीद है कि इस माह के अंत तक पाइपलाइन का काम पूरा हो जाएगा, जिससे शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।