इंदौर। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र के हजारों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। दशकों से पानी की किल्लत झेल रहे यहां के 50 हजार से अधिक निवासियों को 11 जनवरी से नर्मदा का पानी मिलने लगेगा। इंदौर नगर निगम ने अमृत 2.0 योजना के तहत नई पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया है, जिसके बाद अब घरों में सीधे नल कनेक्शन के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा।
भागीरथपुरा क्षेत्र के लोग लंबे समय से टैंकरों और बोरिंग पर निर्भर थे। पानी के लिए रोजाना लगने वाली लंबी कतारें और विवाद यहां की आम दिनचर्या का हिस्सा बन चुके थे। स्थिति को संभालने के लिए नगर निगम को प्रतिदिन लगभग 100 टैंकरों से पानी की आपूर्ति करनी पड़ती थी, जो न केवल खर्चीला था बल्कि निवासियों के लिए भी एक अस्थायी समाधान था।
अमृत 2.0 योजना से मिली राहत
इस स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नर्मदा तृतीय चरण की मुख्य लाइन से भागीरथपुरा को जोड़ने का काम किया। इसके तहत एमआर-4 पुलिया के पास स्थित पानी की टंकी से भागीरथपुरा की टंकी तक 1000 मिमी व्यास की नई पाइपलाइन बिछाई गई है। निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस लाइन की टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है और अब यह जल आपूर्ति के लिए पूरी तरह तैयार है।
रोज सुबह एक घंटे मिलेगा भरपूर पानी
नगर निगम के जलकार्य विभाग ने बताया कि 11 जनवरी से भागीरथपुरा के करीब 10 हजार घरों में हर दिन सुबह एक घंटे के लिए नर्मदा का पानी दिया जाएगा। अधिकारियों ने दावा किया है कि पानी की आपूर्ति पूरे दबाव के साथ की जाएगी, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल लोगों को पानी की किल्लत से निजात मिलेगी, बल्कि टैंकरों पर होने वाले खर्च में भी बड़ी बचत होगी।
स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों की यह एक पुरानी मांग थी, जो अब पूरी होने जा रही है। इस नई व्यवस्था से लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें पानी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा।