इंदौर। लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों के तहत इंदौर जिले में मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने का अभियान शुरू हो गया है। इस बार मतदाताओं को केंद्रों पर बुलाने के बजाय, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) खुद उनके घर पहुंच रहे हैं। जिले के सभी 9 विधानसभा क्षेत्रों में करीब 2817 BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का फोटो सत्यापन कर रहे हैं ताकि एक विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार की जा सके।
चुनाव आयोग के इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फर्जी मतदान को रोकना और सूची को अपडेट करना है। इंदौर जिले में लगभग 26.5 लाख मतदाता हैं, जिनके सत्यापन का काम तेजी से जारी है।
‘गरुड़ ऐप’ से फोटो अपलोड, मौके पर ही सत्यापन
इस अभियान के लिए BLO को ‘गरुड़ ऐप’ से लैस किया गया है। वे मतदाता के घर जाकर सूची में उनके नाम का मिलान करते हैं और मौके पर ही मतदाता की हालिया तस्वीर खींचकर ऐप पर अपलोड करते हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में लगा फोटो असली मतदाता का ही हो। इस प्रक्रिया से सूची में मौजूद पुराने या धुंधले फोटो भी अपडेट हो रहे हैं, जिससे मतदान के दिन पहचान करने में आसानी होगी।
9 दिसंबर तक चलेगा अभियान, 5 जनवरी को अंतिम सूची
यह विशेष अभियान 9 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान न केवल मौजूदा मतदाताओं का सत्यापन हो रहा है, बल्कि नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का काम भी किया जा रहा है। ऐसे युवा जो 1 अप्रैल 2024 तक 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे भी अग्रिम रूप से अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। सभी दावों और आपत्तियों के निराकरण के बाद 5 जनवरी 2024 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसी सूची के आधार पर आगामी लोकसभा चुनाव कराए जाएंगे।
फर्जी मतदान रोकने और सूची को शुद्ध करने पर जोर
इस पूरी कवायद का एक बड़ा लक्ष्य फर्जी मतदान की किसी भी संभावना को खत्म करना है। घर-घर सत्यापन के दौरान यदि कोई मतदाता अपने पते पर नहीं मिलता है, तो BLO कुछ दिनों बाद दोबारा दौरा करेंगे। बार-बार अनुपस्थित रहने की स्थिति में पड़ोसियों से पूछताछ कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। इसके अलावा, मृत या स्थायी रूप से दूसरी जगह बस चुके मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और जानकारी में किसी भी तरह के सुधार के लिए फॉर्म-8 भरवाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से एक साफ-सुथरी और सटीक मतदाता सूची तैयार करने में मदद मिलेगी।