इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में गुरुवार को ठंड ने पिछले 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। दिनभर चली सर्द हवाओं के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से 9 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 20.8 डिग्री पर सिमट गया। यह नवंबर महीने में 1970 के बाद दर्ज किया गया सबसे ठंडा दिन रहा।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, शहर एक साथ ‘सीवियर कोल्ड डे’ और ‘शीतलहर’ की चपेट में आ गया, जिससे लोगों को दिन में भी कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2 डिग्री कम 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
50 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इससे पहले 29 नवंबर 1970 को इंदौर में नवंबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया था, जब अधिकतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस रहा था। गुरुवार, 23 नवंबर 2023 को पारा 20.8 डिग्री तक लुढ़क गया, जिसने इस पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इस तेज गिरावट ने शहरवासियों को हैरान कर दिया।
क्या होता है ‘सीवियर कोल्ड डे’ और ‘शीतलहर’?
मौसम विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक, जब किसी स्थान पर अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री या उससे अधिक कम हो जाता है, तो उसे ‘सीवियर कोल्ड डे’ (Severe Cold Day) घोषित किया जाता है। वहीं, जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री से 6.4 डिग्री तक कम होता है, तो उसे ‘शीतलहर’ (Cold Wave) कहते हैं। इंदौर में गुरुवार को ये दोनों ही स्थितियां एक साथ बनीं, जो नवंबर के महीने में दुर्लभ है।
अचानक क्यों बढ़ी इतनी ठंड?
मौसम वैज्ञानिकों ने इस अचानक बढ़ी ठंड का कारण पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं को बताया है। ये ठंडी उत्तरी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही हैं, जिससे दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट आई है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में दिखने लगा है।
भोपाल समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी ठंड का असर
इंदौर के अलावा राजधानी भोपाल में भी ठंड का असर देखने को मिला। भोपाल में दिन का तापमान सामान्य से 5 डिग्री कम 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने भोपाल में ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बताई है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
अगले 24 घंटे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक इंदौर और आसपास के इलाकों में ठंड का यह दौर जारी रह सकता है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, नवंबर महीने में इंदौर का सर्वकालिक न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड 29 नवंबर 1937 का है, जब पारा 6.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।