मध्य प्रदेश में इंदौर-बुधनी नई रेलवे लाइन परियोजना के काम में तेजी आ गई है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। हाल ही में प्रशासन ने रेलवे लाइन निर्माण के लिए 277 पेड़ों को काटने की अनुमति जारी कर दी है।
रेलवे लाइन के निर्माण के दौरान इंदौर जिले के डकाच्या और सांवेर क्षेत्र के गांवों से होकर ट्रैक गुजरेगा। प्रशासन ने इन इलाकों में बाधक बनने वाले पेड़ों को चिन्हित कर लिया था, जिसके बाद अब उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासन ने लगाई ये शर्तें
पेड़ों की कटाई के लिए प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह कार्य पर्यावरण नियमों के तहत ही किया जाए। अनुमति देते समय यह शर्त रखी गई है कि जितने पेड़ काटे जाएंगे, उनकी भरपाई के लिए नियमानुसार नए पौधे भी लगाए जाने चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज
इंदौर-बुधनी रेल प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। डकाच्या और सांवेर के अलावा अन्य प्रभावित गांवों में भी सर्वे और मुआवजे की कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
यह परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रेलवे लाइन बिछने से इंदौर और बुधनी के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे व्यापार और आवागमन सुगम होगा। प्रशासन का प्रयास है कि प्रोजेक्ट समय सीमा के भीतर पूरा हो सके, इसलिए शुरुआती बाधाओं को जल्द से जल्द दूर किया जा रहा है।