Indore News: इंदौर शहर की यातायात व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इंदौर बायपास के दिन अब बहुरने वाले हैं। लंबे समय से जर्जर हाल और जानलेवा गड्ढों से जूझ रहे इस मार्ग को जल्द ही ‘नई जिंदगी’ मिलेगी। इंदौर सांसद शंकर लालवानी के प्रयासों के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बायपास के नवीनीकरण के लिए 100 करोड़ रुपए के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दे दी है।
सांसद की पहल पर केंद्र की मुहर
सांसद शंकर लालवानी ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर बायपास की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने बताया कि 23 साल पुराने इस बायपास की ऊपरी सतह कई जगहों से पूरी तरह उखड़ चुकी है।
भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क पर गड्ढों का जाल बिछ गया है, जो विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए काल साबित हो रहे हैं। बाइक स्लिप होने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मंत्री गडकरी ने तुरंत संज्ञान लिया और री-लेयरिंग के लिए फंड जारी करने के निर्देश दिए।
क्या है जियोग्रिड तकनीक?
इस बार सड़क निर्माण में पारंपरिक डामरीकरण के बजाय अत्याधुनिक जियोग्रिड तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस तकनीक की विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
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स्थिरता: सबसे पहले सिंथेटिक जियोमटेरियल की एक मजबूत परत (जियोग्रिड) बिछाई जाती है, जो मिट्टी और डामर के बीच एक मजबूत ग्रिड का काम करती है।
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टिकाऊपन: यह तकनीक सड़क की उम्र को दोगुना कर देती है और इसे दरारों से बचाती है।
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स्मूथ फिनिश: जियोग्रिड के ऊपर डामरीकरण होने से सतह चिकनी और समतल रहेगी, जिससे वाहन चालकों को झटकों से मुक्ति मिलेगी।
सफर होगा सुरक्षित और सुगम
सांसद लालवानी ने इस निर्णय को इंदौरवासियों के लिए बड़ी सौगात बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मंत्री गडकरी के नेतृत्व में इंदौर की कनेक्टिविटी विश्वस्तरीय हो रही है। इस नवीनीकरण से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि बायपास पर सफर भी सुगम और समय की बचत करने वाला होगा।