इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, प्रशासन जब्त करेगा 400 करोड़ की 1.83 लाख वर्ग फीट जमीन

इंदौर। शहर के ऐतिहासिक क्रिश्चियन कॉलेज की बेशकीमती जमीन को लेकर चल रहे विवाद में कॉलेज प्रबंधन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने प्रबंधन की याचिका खारिज कर दी है, जिससे अब जिला प्रशासन के लिए कॉलेज की 1.83 लाख वर्ग फीट से ज्यादा जमीन को कब्जे में लेने का रास्ता साफ हो गया है। इस जमीन की कीमत 400 करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है।

यह मामला तब सामने आया जब कॉलेज प्रबंधन ने स्कूल और अस्पताल के लिए आवंटित सरकारी जमीन पर व्यावसायिक उपयोग के लिए नगर तथा ग्राम निवेश (T&CP) से नक्शा पास कराने की कोशिश की। प्रशासन की जांच में यह जमीन सरकारी नजूल पाई गई, जिसे 138 साल पहले महाराजा होलकर ने शैक्षणिक और स्वास्थ्य उद्देश्यों के लिए शर्तों के साथ दिया था।

ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा

कॉलेज प्रबंधन ने गुपचुप तरीके से व्यावसायिक उपयोग के लिए T&CP में आवेदन किया था। जब विभाग ने प्रक्रिया के तहत नजूल विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मांगा, तो यह पूरा खेल उजागर हो गया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल मामले में संज्ञान लेते हुए T&CP को पत्र लिखकर अभिन्यास मंजूर न करने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने बताया कि यह जमीन 1 दिसंबर 1887 को महाराजा होलकर द्वारा स्कूल और अस्पताल के लिए दी गई थी और इसका व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक मिली हार

प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होते ही कॉलेज प्रबंधन ने कलेक्टर कोर्ट के फैसले के खिलाफ पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि मामला कलेक्टर कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए प्रबंधन को वहीं अपना पक्ष रखना चाहिए। इसके बाद प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई, लेकिन कुछ दिन पहले शीर्ष अदालत ने भी याचिका को खारिज कर दिया।

इन फैसलों के बाद कॉलेज प्रबंधन को किसी भी अदालत से फौरी राहत नहीं मिल सकी है। अब कलेक्टर शिवम वर्मा की कोर्ट में भू-राजस्व संहिता की धारा 182 के तहत सुनवाई जारी रहेगी और प्रशासन जमीन पर कब्जा लेने की तैयारी कर रहा है।

जर्जर हालत में स्कूल, बंद पड़ा है अस्पताल

प्रशासनिक जांच में पाया गया कि जिस उद्देश्य के लिए जमीन दी गई थी, उसका पालन नहीं हो रहा था। मौके पर महिला अस्पताल संचालित नहीं है और स्कूल की इमारत भी बेहद जर्जर हालत में है। इस जमीन का उपयोग मिशन के बजाय कैनेडियन चर्च और यूनाइटेड चर्च ऑफ नॉर्दर्न इंडिया ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा था, जो आवंटन की शर्तों का सीधा उल्लंघन है। प्रशासन अब कस्बा इंदौर के सर्वे क्रमांक 407 और 1669/3 में स्थित 17,020 वर्ग मीटर (लगभग 1.83 लाख वर्ग फीट) जमीन अपने कब्जे में लेगा। संभावना है कि मौके पर बने अवैध निर्माणों को भी हटाया जा सकता है।