Indore News: शासकीय सेवाओं में रहते हुए दिवंगत हुए कर्मचारियों के परिजनों को संबल प्रदान करने के लिए इंदौर प्रशासन अब सख्त और संवेदनशील रुख अपना रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार, हाल ही में कलेक्टर कार्यालय में अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
रिक्त पदों की समीक्षा और प्राथमिकता
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संयुक्त कलेक्टर कल्याणी पांडे ने विभिन्न शासकीय विभागों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता पहुँचाना है।
सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने विभाग के रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं ताकि पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया को बिना किसी विलंब के पूर्ण किया जा सके।
कौन होगा नियुक्ति का पात्र?
बैठक में शासन के नियमों को स्पष्ट करते हुए बताया गया कि शासकीय सेवक की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उनके आश्रित परिवार के एक सदस्य को नियुक्ति दी जाएगी। पात्रता की शर्तें इस प्रकार हैं:
प्रथम प्राथमिकता: दिवंगत सेवक के पति या पत्नी।
विकल्प: यदि पति/पत्नी पात्र न हों या नियुक्ति न लेना चाहें, तो उनके द्वारा नामांकित पुत्र या अविवाहित पुत्री को अवसर दिया जाएगा।
विशेष परिस्थिति: आश्रित विधवा या तलाकशुदा पुत्री (जो मृत्यु के समय सेवक पर आश्रित थी) और पात्र सदस्य न होने की स्थिति में आश्रित विधवा पुत्रवधु भी आवेदन कर सकती हैं।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
संयुक्त कलेक्टर ने अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा कि इन प्रकरणों का निराकरण संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण तरीके से किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी विभाग इन मामलों में लापरवाही बरतेगा या अनावश्यक देरी करेगा, उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में कृषि, शिक्षा, श्रम, आबकारी, वाणिज्य कर, महिला एवं बाल विकास तथा आदिम जाति कल्याण सहित कई प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन के इस कदम से जिले के उन सैकड़ों परिवारों में उम्मीद जगी है जो लंबे समय से अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।