Indore news: आमजन की समस्याओं के निराकरण में सुस्ती और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब गाज गिरना तय है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक में लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की और सख्त तेवर अपनाते हुए अधिकारियों को दोटूक निर्देश जारी किए।
सीएम हेल्पलाइन के 5 मामलों की ‘रैंडम’ जांच, कार्रवाई के निर्देश
बैठक के दौरान कलेक्टर वर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप शिकायतों का प्राथमिकता से निपटारा होना चाहिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के लंबित 5 मामलों को रैंडम आधार पर चुनकर उनकी बारीकी से जांच की। इस दौरान निराकरण में देरी और लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
राजस्व प्रकरणों के लिए 30 मार्च की डेडलाइन
विशेष राजस्व अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि 28 फरवरी तक लंबित सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण आगामी 30 मार्च तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के बाद कोई भी पुराना मामला लंबित मिला, तो संबंधित राजस्व अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके साथ ही इस माह के अंत तक राजस्व वसूली के लक्ष्यों को भी शत-प्रतिशत पूर्ण करने को कहा गया है।
जल संरक्षण और बेसमेंट पार्किंग पर जोर
प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ कलेक्टर ने शहर के बुनियादी मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया:
रेन वाटर हार्वेस्टिंग: सभी शासकीय भवनों में अनिवार्य रूप से हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए।
बेसमेंट पार्किंग: इंदौर शहर में पार्किंग की समस्या को देखते हुए बेसमेंट में पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए।
ब्लॉक स्तर पर पहुंचेंगे अधिकारी
राज्य शासन के “संकल्प से समाधान” अभियान के तहत आयोजित ब्लॉक स्तरीय शिविरों में अब सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े सहित अपर कलेक्टर और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद थे।