इंदौर। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित समस्याओं की रोकथाम और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। शनिवार (3 जनवरी 2026) की सुबह 6:30 बजे ही कलेक्टर शिवम वर्मा ने क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न केवल प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया, बल्कि नागरिकों का विश्वास जीतने के लिए खुद टैंकर का पानी पीकर भी दिखाया।
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति में कोई कोताही न बरती जाए। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि नागरिक दूषित जल स्रोतों का उपयोग न करें और केवल नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे टैंकरों के पानी पर ही निर्भर रहें।
कलेक्टर ने खुद परखी पानी की गुणवत्ता
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा ने पेयजल वितरण व्यवस्था को बारीकी से देखा। नागरिकों के मन में पानी की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार का संशय न रहे, इसके लिए उन्होंने खुद टैंकर से पानी लेकर पिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर घर तक साफ पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
200 लोगों की टीम कर रही रिंग सर्वे
प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए बड़े स्तर पर मॉनिटरिंग शुरू की है। नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी), ड्रेनेज, सीवरेज और सफाई विभाग का पूरा अमला मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा, एनजीओ की टीम के 200 से अधिक सदस्य क्षेत्र में ‘रिंग सर्वे’ कर रहे हैं।
यह टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और लोगों को जागरूक कर रही हैं। नागरिकों को समझाया जा रहा है कि वे निगम के टैंकरों के पानी का ही उपयोग करें और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें।
लाउडस्पीकर और पंपलेट से जागरूकता अभियान
जागरूकता फैलाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। कलेक्टर की प्रत्यक्ष निगरानी में निगम के डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों के अलावा आठ अतिरिक्त गाड़ियां लगाई गई हैं। इन गाड़ियों के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट किया जा रहा है। साथ ही, पंपलेट बांटकर लोगों को स्वच्छता और पेयजल संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
क्षेत्र में सीवरेज और ड्रेनेज की सफाई के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि गंदगी के कारण बीमारियां न फैलें।
नागरिकों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
प्रशासन ने जल-जनित रोगों से बचाव के लिए नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। चूंकि अभी पानी की आपूर्ति टैंकरों से हो रही है, इसलिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य बताया गया है:
सुरक्षा के उपाय:
- पानी उबालकर पिएं: पीने के पानी को उपयोग से पहले कम से कम 10-15 मिनट तक अच्छी तरह उबालें और फिर छानकर ही इस्तेमाल करें।
- हाथों की सफाई: खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
- गंदगी न फैलाएं: पानी के स्रोतों और बैकलेन (घर के पीछे की गली) के आसपास कूड़ा-कचरा न फेंकें।
स्वास्थ्य सलाह:
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी व्यक्ति को उल्टी, दस्त, पेट दर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो लापरवाही न बरतें। ऐसे मरीज तुरंत ओआरएस (ORS) का घोल लें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। प्रशासन का मूल मंत्र है- ‘सावधानी ही बचाव है’।