भागीरथपुरा घटना को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, जीतू पटवारी बोले- पाप छिपाने की कोशिश कर रही सरकार

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित भागीरथपुरा में हुई हालिया घटना ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत पार्टी के आठ वरिष्ठ नेता भागीरथपुरा पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान जीतू पटवारी ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है और हकीकत को दबाने की कोशिश की जा रही है।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मौके पर मीडिया से बात करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता है। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश में कानून व्यवस्था या सुरक्षा से जुड़ी कोई बड़ी चूक होती है, सरकार उसे सुधारने के बजाय लीपापोती में जुट जाती है।

“सरकार अपने पापों को छिपाने की कोशिश कर रही है। पीड़ित परिवार को डराया जा रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी।” — जीतू पटवारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

आठ वरिष्ठ नेताओं का दल पहुंचा

भागीरथपुरा पहुंचने वाले प्रतिनिधिमंडल में जीतू पटवारी के अलावा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य वरिष्ठ विधायक शामिल थे। इन नेताओं ने घटनास्थल का मुआयना किया और स्थानीय निवासियों से भी बातचीत की। नेताओं का कहना था कि क्षेत्र में डर का माहौल है और पुलिस प्रशासन लोगों का विश्वास जीतने में नाकाम रहा है।

पुरानी घटनाओं का भी जिक्र

कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान इंदौर में पूर्व में हुई घटनाओं का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि शहर में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन गृह विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। पटवारी ने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

राजनीतिक हलचल तेज

इस दौरे के बाद से इंदौर की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला और दोषियों को सजा नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। वहीं, भाजपा नेताओं की ओर से अभी इस दौरे पर कोई आधिकारिक पलटवार सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

गौरतलब है कि भागीरथपुरा की घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर भी काफी आक्रोश देखा जा रहा है। कांग्रेस के इस दखल के बाद अब प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।