इंदौर जल संकट: दूषित पानी मामले में बड़ी कार्रवाई, 2017 बैच के IAS अधिकारी संदीप सोनी निलंबित

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल वितरण का मामला अब तूल पकड़ चुका है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने के आरोप में इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त (Additional Commissioner) और 2017 बैच के आईएएस अधिकारी संदीप सोनी को निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन आदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय भोपाल तय किया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नाराजगी के बाद हुई है।

सीएम की नाराजगी के बाद एक्शन

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में दूषित पानी की शिकायतों को गंभीरता से लिया था। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जनता से जुड़े मुद्दों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भागीरथपुरा में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

क्या है पूरा मामला?

भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कुछ समय से रहवासी गंदे और बदबूदार पानी की समस्या से जूझ रहे थे। स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से की थी। दूषित पानी पीने से कई लोगों के बीमार होने की खबर भी सामने आई थी। प्रशासन की सुस्ती और समस्या का समाधान न होने के कारण सरकार ने सीधे जिम्मेदार अधिकारी पर गाज गिराई है।

पहले इंजीनियर पर हुई थी कार्रवाई

गौरतलब है कि इससे पहले इसी मामले में नगर निगम के पीएचई (PHE) विभाग के इंजीनियर पर भी कार्रवाई की गई थी। सब इंजीनियर और जोनल अधिकारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका था। लेकिन समस्या की गंभीरता और उच्च अधिकारियों की मॉनिटरिंग में कमी को देखते हुए अब अपर आयुक्त स्तर के अधिकारी पर कार्रवाई की गई है।

संदीप सोनी इंदौर नगर निगम में जल प्रदाय विभाग की जिम्मेदारी भी देख रहे थे। प्रशासन का यह कदम अन्य अधिकारियों के लिए भी एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि जनसरोकार के मुद्दों पर कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।