स्वच्छता में देशभर में नंबर वन का तमगा हासिल करने वाले इंदौर में अब दूषित पानी को लेकर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विवादित पोस्टर चस्पा कर दिए हैं, जिससे सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
इन पोस्टरों में सीधे तौर पर बीजेपी सरकार को निशाना बनाया गया है। पोस्टरों पर लिखा है, ‘बीजेपी लाओ, बीमारी पाओ’। कांग्रेस का आरोप है कि शहरवासी गंदा पानी पीने को मजबूर हैं और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यह पोस्टर वॉर ऐसे समय में शुरू हुआ है जब शहर में जल जनित बीमारियों को लेकर चिंता जताई जा रही है।
पोस्टर में क्या लिखा है?
कांग्रेस द्वारा लगाए गए पोस्टरों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव की तस्वीरें लगाई गई हैं। इन तस्वीरों के साथ कटाक्ष करते हुए लिखा गया है, ‘इंदौर मांगे साफ पानी’। कांग्रेस का कहना है कि स्वच्छता में नंबर वन शहर होने के बावजूद लोगों को पीने का साफ पानी नसीब नहीं हो रहा है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नगर निगम और स्थानीय प्रशासन केवल स्वच्छता सर्वेक्षण और दिखावे में व्यस्त है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। इससे आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
गंदे पानी की शिकायतें और पिछला घटनाक्रम
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से इंदौर के कई रिहायशी इलाकों में दूषित पानी आने की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोग लगातार नगर निगम से इसकी शिकायत कर रहे थे, लेकिन समाधान न होने पर विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है।
इससे पहले भी शहर के कुछ हिस्सों में डायरिया और उल्टी-दस्त के मामले सामने आए थे, जिसे दूषित पानी से जोड़कर देखा जा रहा था। कांग्रेस ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर अब सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
बीजेपी का पलटवार
दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस के इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। स्थानीय बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह इस तरह के पोस्टर लगाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। प्रशासन का दावा है कि पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है और जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल, शहर में लगे ये पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। स्वच्छता के लिए पहचाने जाने वाले इंदौर में अब ‘साफ पानी’ की मांग एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है।