इंदौर जल संकट: दूषित पानी से मौतों के बाद एक्शन में प्रशासन, नई पाइपलाइन और ड्रेनेज पर काम शुरू

इंदौर के स्नेह नगर और पटेल नगर इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर हादसे के बाद नगर निगम और प्रशासन अब हरकत में आया है। प्रभावित क्षेत्रों में जल आपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह बदलने की कवायद शुरू कर दी गई है। प्रशासन का दावा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

घटना के बाद से ही स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन समय रहते सुनवाई नहीं हुई। अब जब हादसा हो गया है, तो प्रशासन ने पूरे इलाके को खोदकर नई लाइनें बिछाने का काम शुरू किया है।

युद्धस्तर पर चल रहा खुदाई का काम

स्नेह नगर और पटेल नगर में नगर निगम की टीमें लगातार काम कर रही हैं। पुरानी पानी की पाइपलाइनों को पूरी तरह से उखाड़ा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इन इलाकों में ड्रेनेज लाइन और पानी की लाइन काफी पास-पास थीं, जिससे लीकेज होने पर पानी दूषित हो गया। अब दोनों लाइनों के बीच पर्याप्त दूरी सुनिश्चित की जा रही है।

जेसीबी मशीनों और मजदूरों की मदद से नई पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि जब तक नई लाइनें पूरी तरह टेस्ट नहीं हो जातीं, तब तक वैकल्पिक साधनों से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति जारी रहेगी। टैंकरों के माध्यम से लोगों को पानी पहुंचाया जा रहा है।

पुरानी अधोसंरचना बनी मुसीबत

विशेषज्ञों का मानना है कि इंदौर के कई पुराने इलाकों में ड्रेनेज और वाटर सप्लाई का नेटवर्क दशकों पुराना है। समय के साथ पाइपों में जंग लगने और लीकेज की समस्याएं आम हो गई हैं। स्नेह नगर की घटना ने यह साबित कर दिया है कि पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को समय रहते बदलना कितना जरूरी है।

नगर निगम के सूत्रों के अनुसार, शहर के अन्य पुराने इलाकों का भी सर्वे किया जा रहा है। जहां भी ड्रेनेज और पानी की लाइनें एक-दूसरे के करीब हैं या जर्जर हो चुकी हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बदला जाएगा।

जांच और कार्रवाई

इस दुखद घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच भी जारी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर चूक कहां हुई। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि ड्रेनेज का पानी पेयजल लाइन में मिल गया था, जिससे यह जानलेवा स्थिति बनी।

मुख्यमंत्री ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, पूरा फोकस प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षित जल आपूर्ति बहाल करने पर है।