Indore News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार दोपहर इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने जंजीरवाला चौराहा स्थित जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभागृह में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड के पीड़ितों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाया और इस दुखद घड़ी में सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया।
परिजनों ने बयां किया सिस्टम का दर्द
मुलाकात के दौरान मृतक मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ ने मुख्यमंत्री को बताया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। सौरभ ने प्रशासन और फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “फायर ब्रिगेड करीब डेढ़ घंटा देरी से पहुंची। यदि गाड़ियां समय पर आ जातीं, तो शायद परिवार के कुछ सदस्यों की जान बच सकती थी। जो टैंकर आए उनमें पानी नहीं था, चालकों को गलियों का रास्ता नहीं पता था और उनके पास बचाव कार्य के लिए जरूरी सीढ़ियां तक मौजूद नहीं थीं।”
सौरभ ने यह भी स्पष्ट किया कि आग इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की चार्जिंग से नहीं, बल्कि बिजली के पोल पर हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिसने पहले बाहर खड़ी कार और फिर बाइक को अपनी चपेट में ले लिया।
भविष्य की सुरक्षा के लिए IIT से होगी चर्चा
परिजनों की व्यथा सुनने और घटनास्थल का वीडियो देखने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा कि घर के दरवाजों का भीतर से जाम हो जाना और दम घुटने से मौत होना अत्यंत हृदयविदारक है।
सीएम ने सुरक्षा मानकों पर जोर देते हुए कहा: “ईवी चार्जिंग सिस्टम और घरों में लगने वाले आधुनिक इलेक्ट्रिक लॉक को कैसे सुरक्षित बनाया जाए, इस पर सरकार काम कर रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए हम IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) के विशेषज्ञों सहित अन्य तकनीकी संस्थानों से चर्चा करेंगे और ठोस सुरक्षा दिशा-निर्देश तैयार करेंगे।”
एक ही परिवार के 8 सदस्यों ने गंवाई जान
गौरतलब है कि बुधवार को हुए इस भीषण हादसे में तीन बच्चों सहित परिवार के 8 सदस्यों की मौत हो गई थी। मृतकों में मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन, साले विजय, साले की पत्नी सुमन, बेटी रुचिका और तीन मासूम बच्चे कार्तिक, राशि व तनय शामिल हैं। हादसे के समय मनोज की पत्नी सुनीता और उनके दो बेटे सौरभ व बाबू किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे।
राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
मुख्यमंत्री के आगमन पर एयरपोर्ट पर मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक मालिनी गौड़ और अन्य भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। इससे पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कांग्रेस और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता पीड़ित परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में करीब 20 मिनट रुकने के बाद इस्कॉन मंदिर के कार्यक्रम के लिए प्रस्थान किया।