Indore News : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकताओं के अनुरूप इंदौर जिले में सरकारी कार्यालयों में कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए नया निर्णय लागू किया गया है। अब सभी शासकीय सेवकों को सुबह 10 बजे तक कार्यालय पहुंचना होगा और निर्धारित समय शाम 6 बजे तक उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी स्तर पर विलंब या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवकों से अपेक्षा है कि वे अनुशासन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
निरीक्षण अभियान और प्रशासनिक कार्रवाई
कलेक्टर के निर्देशों के पालन हेतु सोमवार को संयुक्त कलेक्टर श्रीमती कल्याणी पांडे ने विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला कोषालय, खनिज कार्यालय, भू-अभिलेख शाखा तथा सामाजिक न्याय विभाग सहित अन्य कार्यालयों की उपस्थिति की जांच की गई।
संयुक्त कलेक्टर ने कई स्थानों पर देरी से पहुंचने वाले कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर जब्त किए और संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी प्रतिदिन निर्धारित समय पर उपस्थित रहें, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक सख्ती से सुधार की उम्मीद
प्रशासन का उद्देश्य सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता में सुधार लाना है। समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने से नागरिक सेवाओं में विलंब कम होगा और कार्यकुशलता बढ़ेगी। कलेक्टर कार्यालय का यह निरीक्षण अभियान आने वाले दिनों में अन्य विभागों तक भी विस्तारित किया जा सकता है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह व्यवस्था दीर्घकालिक अनुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह पहल केवल अनुशासन लागू करने के लिए नहीं, बल्कि सेवा वितरण की पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास भी है।