भारत के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को देशभर में विशेष रूप से मनाया जा रहा है। इसी क्रम में इंदौर में सरदार @150 युनिटी मार्च का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें एक भारत श्रेष्ठ भारत की झलक देखने को मिलेगी। इस आयोजन के तहत स्कूल, कॉलेज, सामाजिक संगठनों, एनजीओ, एनसीसी, स्काउट्स, धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थाओं के साथ हजारों नागरिक शामिल होंगे।
एकता और अखंडता के प्रतीक को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की जानकारी सांसद शंकर लालवानी, नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, प्रदेश संयोजक जीतू जिराती और अन्य जनप्रतिनिधियों ने साझा की। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर से 25 नवंबर तक जिला स्तरीय पदयात्रा आयोजित की जा रही है। इंदौर में यह आयोजन 12 और 13 नवंबर को होगा। सरदार पटेल के विचार “भारत एक है, अखंड है, और सदा अखंड रहेगा” को इस आयोजन के केंद्र में रखा गया है।
युवाओं में जागेगा देशभक्ति और एकता का भाव
सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, एकता और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को जगाना है। यह पदयात्रा भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में प्रेरणा का स्रोत बनेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन के अनुरूप यह यात्रा जनभागीदारी का प्रतीक बनेगी।
इंदौर में दो दिन विशेष आयोजन
इंदौर लोकसभा क्षेत्र में यह यात्रा तीन दिनों तक चलेगी। 12 नवंबर को सुबह 7 बजे योग सत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी, इसके बाद 9 बजे सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। दिनभर विभिन्न वर्गों — पिछड़ा वर्ग, महिला वर्ग, वैश्य समाज, सिंधी समाज, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग आदि के साथ संवाद कार्यक्रम होंगे। 13 नवंबर को दोपहर 3 बजे चिकमंगलूर चौराहे से युनिटी मार्च आरंभ होकर खातीपुरा मंदिर तक पहुंचेगा। इस दौरान ढोल-ताशे, नृत्य दल और पारंपरिक वेशभूषा में युवा सहभागी बनेंगे।
डिजिटल पहल और प्रतियोगिताएँ
6 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने MY Bharat पोर्टल पर इस अभियान के डिजिटल चरण की शुरुआत की। इसमें सोशल मीडिया रील प्रतियोगिता, निबंध लेखन और सरदार @150 यंग लीडर्स प्रोग्राम जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं। चुने गए 150 युवा राष्ट्रीय पदयात्रा में हिस्सा लेंगे।
विविध आयोजनों से सरदार के विचारों का प्रसार
इस अभियान के तहत स्कूल-कॉलेजों में निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ, नुक्कड़ नाटक, संगोष्ठियाँ, स्वदेशी मेले, योग शिविर और स्वच्छता अभियान आयोजित किए जाएंगे। युवाओं को “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” का संकल्प दिलाया जाएगा।
सरदार पटेल की जन्मस्थली से राष्ट्रीय पदयात्रा
इस अभियान का सबसे बड़ा चरण 26 नवंबर, संविधान दिवस पर शुरू होगा। सरदार पटेल की जन्मस्थली करमसद से लेकर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया) तक 152 किमी लंबी राष्ट्रीय पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें देशभर से एनसीसी, एनएसएस और माय भारत के स्वयंसेवक शामिल होंगे। 150 पड़ावों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और सरदार पटेल के जीवन पर प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
एक भारत श्रेष्ठ भारत की साकार झलक
यह अभियान केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का महायज्ञ है। जिस प्रकार सरदार पटेल ने रियासतों को जोड़कर अखंड भारत का निर्माण किया था, उसी भावना को यह युनिटी मार्च आगे बढ़ाएगा। विविध संस्कृतियों के लोग एक साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे, जिससे सरदार पटेल के सपनों का “एक भारत श्रेष्ठ भारत” साकार रूप में दिखाई देगा।
युवाओं का आह्वान
देशभर के युवाओं से आह्वान किया गया है कि वे MY Bharat Portal (https://mybharat-gov-in/pages/unity_march
) पर पंजीकरण कर इस ऐतिहासिक पहल में शामिल हों और राष्ट्र निर्माण की इस प्रेरक यात्रा का हिस्सा बनें।