देश के शहरों के लिए मॉडल बन रहा इंदौर, अमृत-2.0 से मजबूत होगी पेयजल व्यवस्था

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर में अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत 800.19 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इंदौर जलप्रदाय योजना का रिमोट बटन दबाकर विधिवत भूमिपूजन किया। यह परियोजना शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पेयजल व्यवस्था को मजबूत और दीर्घकालिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

मकर संक्रांति पर संकल्प और संवेदना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मन में पीड़ा अवश्य है, लेकिन इसी पीड़ा से सीख लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कठिन समय बहुत कुछ सिखाकर जा रहा है और मकर संक्रांति के पावन पर्व पर इंदौर ने फिर से आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने इंदौर की तेज़ विकास गति और निरंतर प्रगति पर गर्व व्यक्त किया।

हर शहर बनना चाहता है इंदौर जैसा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज देश का हर शहर इंदौर की तरह बनना चाहता है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह समय चुनौतियों से भरा है, लेकिन इन कठिनाइयों से बाहर निकलने के लिए शासन पूरी तरह नगर निगम और इंदौर के प्रत्येक नागरिक के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इंदौर को आगे बढ़ाने में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

प्रधानमंत्री के विश्वास को आगे बढ़ाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदौर हर दौर में आगे रहने वाला शहर रहा है। इसी विश्वास को और मजबूत करते हुए सरकार फिर से पूरे संकल्प के साथ इंदौर को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन ने इंदौर की कठिनाइयों को केवल देखा ही नहीं, बल्कि उन्हें अंतर्मन से महसूस किया है।

नर्मदा जल से मालवा-निमाड़ को मिली नई दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी का जल इंदौर सहित मालवा और निमाड़ क्षेत्र तक पहुंचाकर मध्यप्रदेश शासन ने समय-समय पर किसानों, व्यापारियों और उद्योगों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और प्रगति का नया अध्याय लिखा गया।

अमृत-2.0 से पेयजल व्यवस्था को मिलेगा नया आधार

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अमृत-2.0 योजना के माध्यम से इंदौर को पेयजल उपलब्ध कराने की यह परियोजना शहर के लिए एक और बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी। इससे न केवल वर्तमान जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि भविष्य की मांगों के लिए भी ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।

इंदौर की संकल्प शक्ति फिर दिखाएगी असर

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर की संकल्प शक्ति पहले भी कई बार खुद को साबित कर चुकी है और एक बार फिर यह शहर मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि शासन, प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से इंदौर विकास की दौड़ में निरंतर आगे बना रहेगा।