शहर के खजराना इलाके में आगजनी की एक घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से निर्मित दुकानों को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब जांच के दौरान एक दुकान में भारी मात्रा में पटाखे और अन्य ज्वलनशील सामग्री का अवैध भंडारण पाया गया। कलेक्टर ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने के लिए पुलिस को आदेशित किया है।
यह कार्रवाई खजराना गांव में स्थित सर्वे क्रमांक 995/1 और 995/2 की भूमि पर की गई। यह जमीन सलीम पटेल पिता अनार व अन्य के नाम पर दर्ज है, जिस पर अवैध रूप से कई दुकानें बना ली गई थीं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 3 दिसंबर 2025 को इन अवैध दुकानों में से एक वेल्डिंग की दुकान में चिंगारी से आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास की करीब 6 से 8 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिनमें फेब्रिकेशन और मैट्रेस की दुकानें भी शामिल थीं। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
आगजनी की घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल जांच के आदेश दिए थे। जूनी इंदौर के अनुविभागीय अधिकारी (SDO), नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान देवांश व्यास नामक व्यक्ति की दुकान में टीम को अवैध रूप से भंडारित पटाखे, पायरो तकनीक का सामान और ज्वलनशील तरल पदार्थ से भरे दो ड्रम मिले। इस खुलासे के बाद प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया।
कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम इंदौर की रिमूवल टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही, इस गंभीर लापरवाही और अवैध भंडारण के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों और निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।