Indore News: इंदौर नगर निगम की जनसुनवाई की गौरवशाली परंपरा को जमीन पर उतारते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव शुक्रवार को देपालपुर विधानसभा के जोन-16, वार्ड-15 पहुंचे। यहाँ आयोजित ‘जनता चौपाल’ के माध्यम से महापौर ने न केवल नागरिकों की व्यथा सुनी, बल्कि क्षेत्रीय समस्याओं का गहराई से निरीक्षण कर अधिकारियों को तत्काल समाधान के कड़े निर्देश भी दिए।
विकास कार्यों का जमीनी निरीक्षण और जनसंवाद
चौपाल की शुरुआत से पहले महापौर ने क्षेत्रीय पार्षद और निगम अधिकारियों के साथ पूरे इलाके का सघन दौरा किया। इस दौरान उनके साथ स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ला, स्थानीय पार्षद ममता सुभाष सुनहरे और महापौर प्रतिनिधि भारत पारख सहित निगम का तकनीकी अमला मौजूद रहा।
निरीक्षण के दौरान बैक लाइन की सफाई, ड्रेनेज चोक होने और पेयजल आपूर्ति जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर नागरिकों ने महापौर को घेरा, जिस पर उन्होंने जोनल अधिकारियों को फटकार लगाते हुए लंबित कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू करने को कहा।
ड्रेनेज और प्रधानमंत्री आवास योजना पर फोकस
चौपाल में नर्मदा परिसर (प्रधानमंत्री आवास योजना) के रहवासियों ने ड्रेनेज की बदहाली की गंभीर शिकायत की। महापौर ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं में रहने वाले नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने ड्रेनेज लाइन की मरम्मत के आदेश दिए। वहीं, कस्तूर नगर में बार-बार चोक होने वाले चेंबरों और सड़कों पर बहते गंदे पानी की समस्या पर महापौर ने मौके पर ही सुधार कार्य शुरू कराया।
स्ट्रीट लाइट और टैक्स पर बड़ी घोषणा
बिजली बिल और स्ट्रीट लाइट को लेकर उपजे विवाद पर महापौर ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया। रहवासियों ने शिकायत की थी कि सोसाइटी द्वारा बिल जमा न कर पाने के कारण स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। इस पर महापौर ने नीतिगत जानकारी देते हुए कहा:
“2019 तक की वे कॉलोनियाँ या रहवासी संघ, जहाँ 100% संपत्ति खाते दर्ज हैं और कम से कम 60% कर (Tax) जमा है, वहाँ की स्ट्रीट लाइट का बिजली बिल अब नगर निगम वहन करेगा।”


