इंदौर में मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र गठन, आसपास के गांव शहर सीमा में शामिल होंगे

इंदौर प्रशासन ने शहर के विस्तार और बेहतर नगरीय प्रबंधन के लिए मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र गठन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इस कदम के तहत आसपास के गांवों को नगर सीमा में शामिल किया जाएगा, जिससे भविष्य की जनसंख्या वृद्धि और बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, योजना का उद्देश्य एकीकृत विकास मॉडल लागू करना है, जिससे यातायात, जल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन और आवास जैसी सेवाओं में सुधार हो सके।

पिछले वर्षों में इंदौर की जनसंख्या और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी से वृद्धि हुई है। पुराने प्रस्तावों में भी शहर सीमा विस्तार की चर्चा हुई थी, लेकिन अब इसे औपचारिक रूप से मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का दर्जा देने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

पृष्ठभूमि

पूर्व में नगर निगम ने आसपास के कुछ गांवों को आंशिक रूप से शामिल करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे राज्य सरकार ने समीक्षा के लिए भेजा था। अब व्यापक स्तर पर सभी प्रमुख गांवों और उपनगरों को जोड़ने का खाका तैयार किया जा रहा है।

योजना के मुख्य बिंदु

प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन सीमा में औद्योगिक क्षेत्र, नए आवासीय सेक्टर और प्रमुख परिवहन गलियारे शामिल होंगे। इसके तहत एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें बुनियादी सुविधाओं के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर जोर होगा।

प्रशासन का मानना है कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनने से निवेश बढ़ेगा और शहरी सेवाओं का वितरण अधिक कुशल होगा।

अगले चरण

राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव को कैबिनेट में पेश किए जाने के बाद अधिसूचना जारी होगी। इसके पश्चात नगर निगम और संबंधित विभाग बुनियादी ढांचे के उन्नयन के कार्य शुरू करेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम इंदौर को दीर्घकालिक विकास के लिए नई दिशा देगा और आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।