इंदौर जिले के महू (डॉ. अंबेडकर नगर) में दूषित पानी की आपूर्ति ने आम लोगों की सेहत पर बुरा असर डालना शुरू कर दिया है। शहर के कई इलाकों में गंदा पानी पीने की वजह से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अस्पतालों में उल्टी-दस्त, बुखार और पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है।
शुरुआती जांच में कई मरीजों में पीलिया और टाइफाइड के लक्षण पाए गए हैं। दूषित जल के कारण फैल रही इन बीमारियों की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। रहवासियों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से नलों में मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा था, जिसकी शिकायत के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया सर्वे
बीमारियों का प्रकोप बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित कॉलोनियों में मोर्चा संभाल लिया है। विभागीय टीमों द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। जिन परिवारों में कोई सदस्य बीमार है, उनका डेटा तैयार किया जा रहा है और उन्हें उचित उपचार की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई रखने की हिदायत दी गई है।
पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे
प्रशासन ने जलापूर्ति लाइनों की जांच के आदेश दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि ड्रेनेज लाइन और पेयजल लाइन कहीं आपस में मिल तो नहीं गई हैं। स्वास्थ्य अमले ने प्रभावित इलाकों से पानी के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी।
पहले भी सामने आए थे ऐसे मामले
महू में दूषित पानी की समस्या नई नहीं है। इससे पहले भी शहर के अलग-अलग हिस्सों में गंदे पानी की आपूर्ति के चलते डायरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के मामले सामने आ चुके हैं। पुरानी घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन जल्द से जल्द स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है। फिलहाल, नगर परिषद की टीम लीकेज ढूंढने और उसे ठीक करने के काम में जुट गई है।