एमपी में नई पहल, सरकारी अस्पताल में पहली बार ‘ओबेसिटी क्लिनिक’ शुरू, मिलेगा मोटापे का मुफ्त इलाज

मध्य प्रदेश में पहली बार इंदौर के एक सरकारी अस्पताल में ओबेसिटी क्लिनिक शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस विशेष क्लिनिक में मोटापे से संबंधित मरीजों को एक ही जगह परामर्श और उपचार दिया जाएगा। सबसे अहम बात यह है कि इलाज पूरी तरह मुफ्त रहेगा।

राज्य में अब तक मोटापे के लिए अलग समर्पित सरकारी सुविधा नहीं थी। ऐसे मरीजों को अलग-अलग विभागों में जाना पड़ता था। नए क्लिनिक के शुरू होने से उपचार प्रक्रिया को एकीकृत और आसान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मरीजों की स्थिति का आकलन कर उपचार योजना बनाई जाएगी। जरूरत के अनुसार नियमित फॉलो-अप भी किया जाएगा, ताकि मरीजों को लंबे समय तक देखरेख मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं में यह मॉडल सरकारी अस्पतालों के लिए अलग ढांचा तैयार करने की दिशा में माना जा रहा है।

मुफ्त इलाज पर जोर, सरकारी सेटअप में नई पहल

इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता मुफ्त उपचार है। ओबेसिटी से जुड़ी देखभाल में अक्सर लगातार परामर्श और निगरानी की जरूरत होती है, जिससे मरीजों पर खर्च बढ़ता है। सरकारी अस्पताल में यह सुविधा बिना शुल्क देने की योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

इंदौर को इस मॉडल के लिए चुना जाना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां बड़े सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या अधिक रहती है। इसी कारण अलग ओबेसिटी क्लिनिक शुरू होने पर सेवा की पहुंच व्यापक हो सकती है।

राज्य के लिए मॉडल बनने की संभावना

मध्य प्रदेश में इसे पहला ओबेसिटी क्लिनिक बताया गया है। अगर यह व्यवस्था प्रभावी रहती है, तो भविष्य में अन्य सरकारी अस्पतालों में भी इसी तरह की सुविधा शुरू करने का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल फोकस इंदौर में सेवा शुरू करने और मरीजों को नियमित, व्यवस्थित तथा मुफ्त उपचार उपलब्ध कराने पर है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में मोटापे को लेकर अलग संस्थागत पहल कम देखने को मिलती हैं। ऐसे में इंदौर की यह शुरुआत राज्य की सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में एक विशेष कदम मानी जा रही है, जहां उपचार को सुलभ और किफायती बनाने पर जोर है।