Indore News: रंगों के उत्सव के बाद अब इंदौर नगर निगम (IMC) अपने खजाने को भरने और बकाया करों की वसूली के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के लिए निगम ने इस बार 70 से 75 प्रतिशत राजस्व वसूली का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
कमिश्नर के सख्त निर्देश और रणनीति
नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने हाल ही में राजस्व अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले निगम को अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करना अनिवार्य है। कमिश्नर ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर सक्रिय होने और बड़े बकायादारों से सीधा संपर्क करने के निर्देश दिए हैं।
विशेष अभियान और जोनल सक्रियता
लोक अदालत केवल मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर के सभी जोनल कार्यालयों पर भी शिविर लगाए जाएंगे। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
डोर-टू-डोर संपर्क: राजस्व अमला बकायादारों के घर जाकर उन्हें लोक अदालत के लाभ समझाएगा।
सरचार्ज में छूट: शासन के नियमानुसार, लोक अदालत में संपत्ति कर और जल कर के अधिभार (सरचार्ज) में विशेष छूट दी जाएगी।
त्वरित समाधान: मौके पर ही प्रकरणों का निराकरण कर रसीदें काटी जाएंगी।
जनता के लिए अपील और प्रचार
निगम प्रशासन का मानना है कि जागरूकता की कमी के कारण कई लोग छूट का लाभ नहीं ले पाते। इसके लिए वार्ड स्तर पर मुनादी, पोस्टर और सोशल मीडिया के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह नागरिकों के लिए अपने पुराने बकाया को कम खर्च में निपटाने का सुनहरा अवसर है।
इस विशेष अभियान के माध्यम से निगम न केवल अपना राजस्व रिकॉर्ड सुधारना चाहता है, बल्कि वित्तीय वर्ष के अंत तक शहर के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड भी सुनिश्चित करना चाहता है।