नए साल के जश्न में किसी तरह की खलल न पड़े, इसके लिए शहर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार हर तीन किलोमीटर की दूरी पर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की व्यवस्था की गई है। सड़क पर टीआई से लेकर डीसीपी तक खुद मोर्चा संभालते नजर आएंगे। पुलिसकर्मियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा अनिवार्य रूप से साथ रखें और चेकिंग के दौरान हुज्जत या नियम तोड़ने वालों से सख्ती से निपटें। ऐसे मामलों में सीधे हिरासत में लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने इसको लेकर शहर के सभी एसीपी और डीसीपी की बैठक लेकर विस्तृत रणनीति साझा की है। प्रमुख चौराहों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पैदल पेट्रोलिंग के साथ-साथ वाहन गश्त भी बढ़ा दी गई है। आयुक्त ने विशेष तौर पर बायपास क्षेत्र पर नजर रखने को कहा है, जहां 31 दिसंबर की रात बड़ी संख्या में पार्टियां होती हैं। इसके लिए पहले से फार्म हाउस, होटल, पब, बार और रेस्टोरेंट की सूची तैयार करने और विशेष टीमें बनाकर समय सीमा का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
थाना प्रभारियों को भी इस अभियान में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के अनुसार, शहरभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। असामाजिक तत्वों और सक्रिय बदमाशों की पहचान कर उन्हें थानों में बुलाकर रेड और यलो नोटिस तामील कराए गए हैं। बाउंड ओवर की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। ड्रिंक एंड ड्राइव पर रोक लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस और थाना स्टाफ संयुक्त रूप से मैदान में उतरा है और चेकिंग पॉइंट पर हर वाहन चालक की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की जा रही है।
शनिवार रात शहर की नगरीय सीमा में पुलिस की सख्ती साफ नजर आई। पूरी रात चले अभियान के दौरान 1369 संदिग्ध और बदमाशों की जांच की गई, जिनमें से 651 के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई। पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वाले 317 वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनके वाहन जब्त किए। इसके अलावा सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने के 27 मामले भी दर्ज किए गए। पुलिस का साफ संदेश है कि नए साल का जश्न जरूर मनाएं, लेकिन कानून तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।