इंदौर में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से बंपर कमाई, राजस्व ₹1670 करोड़ पार, 101 नई कॉलोनियां गाइडलाइन में जुड़ेंगी

इंदौर। रियल एस्टेट बाजार में सामान्य सुस्ती के बावजूद इंदौर में यूजर मार्केट सक्रिय बना हुआ है, जिससे पंजीयन विभाग के राजस्व में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष में दिसंबर अंत तक विभाग ने ₹1670.20 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में ₹218 करोड़ से भी अधिक है।

वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू के अनुसार, इस अवधि में कुल 1,29,197 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ। राजस्व में पिछले साल के मुकाबले 15.03% की वृद्धि हुई है, जबकि रजिस्ट्रियों की संख्या में 2.43% का इजाफा हुआ है। बढ़ी हुई गाइडलाइन दरों के बावजूद रजिस्ट्रियों की संख्या बढ़ना बाजार में सकारात्मक रुझान का संकेत है।

गाइडलाइन में जुड़ेंगी 101 नई कॉलोनियां

राजस्व को और बढ़ावा देने के लिए पंजीयन विभाग ने 101 नई विकसित कॉलोनियों को वर्तमान गाइडलाइन के दायरे में लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए भोपाल स्थित मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है। नायडू ने बताया कि तीन महीने पहले भी यह प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन मंजूरी नहीं मिली थी। अब दोबारा शासन से अनुरोध किया गया है।

उम्मीद है कि जल्द ही अनुमति मिल जाएगी, जिससे इन कॉलोनियों में संपत्तियों की रजिस्ट्री शुरू हो सकेगी। विभाग का अनुमान है कि इस कदम से सरकारी खजाने में करीब ₹50 करोड़ की अतिरिक्त आमदनी होगी।

अगले वित्त वर्ष की गाइडलाइन की तैयारी शुरू

इसके साथ ही, पंजीयन विभाग ने आगामी वित्त वर्ष के लिए नई गाइडलाइन बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। उप-जिला मूल्यांकन समिति को शुरुआती प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। इस संबंध में फरवरी माह में कलेक्टर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

आगामी वर्ष की गाइडलाइन के लिए अब तक 55 और नई कॉलोनियों को शामिल करने के प्रस्ताव मिल चुके हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि मार्च अंत तक ऐसी कॉलोनियों की संख्या 150 तक पहुंच सकती है। नगर निगम और पंचायत क्षेत्रों में जिन नई कॉलोनियों को विकास की अनुमति मिली है, उन्हें भी नई गाइडलाइन में शामिल किया जाएगा।

मास्टरप्लान के गांव भी आएंगे दायरे में

महानिरीक्षक पंजीयन ने सभी जिला पंजीयकों को नई गाइडलाइन तैयार करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां इस साल अधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक, ऐसे इलाकों की गाइडलाइन में बढ़ोतरी की जा सकती है। इसके अलावा, नए मास्टरप्लान में शामिल 79 गांवों में भी विकास अनुमतियों के आधार पर नई कॉलोनियों को गाइडलाइन प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा।