इंदौर रंगपंचमी 2026: गेर का समापन, राजवाड़ा पर उमड़ी भीड़, खेला गया रंग-बिरंगा उत्सव

आज देवी अहिल्या की नगरी इंदौर में रंगपंचमी के अवसर पर निकली गेर राजवाड़ा पर समाप्त हुई। गेर के समापन के बाद लोगों की भीड़ धीरे-धीरे बाहर निकलने लगी। राजवाड़ा पर उमड़ी भीड़ और उत्साह ने पूरे शहर में त्योहार का जादू बिखेर दिया।

भगवान भोलेनाथ और भगवान कृष्ण के संग रंगों की बरसात

संगम कॉर्नर की गेर में भगवान कृष्ण की झांकी के पीछे मोर पंख सजाए गए थे। इन मोर पंखों से रंगों की बौछार हो रही थी, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। भगवान कृष्ण और मोर पंखों के साथ रास का यह अद्भुत संयोजन उत्सव में एक जीवंतता भर रहा था। गेर में शामिल लोग इस रंग-बिरंगे दृश्य को देखकर आनंदित हुए।

संगम कॉर्नर की गेर का राजवाड़ा में आगमन

संस्था सृजन के कमलेश खंडेलवाल के नेतृत्व में निकली संगम कॉर्नर की गेर 1 बजे के बाद राजवाड़ा पर पहुंची। गेर में हजारों युवा शामिल हुए। गेर में लगे टैंकरों और मिसाइलों से गुलाल और रंगों की झड़ी लगी। राजवाड़ा पर इतनी भीड़ थी कि वहां पैरों रखने की जगह तक नहीं बची थी। लोग उत्साह के साथ रंगपंचमी की इस भव्य परंपरा का हिस्सा बने।

महाकाल मंदिर की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

हिंदरक्षक की फाग यात्रा में शामिल महाकाल मंदिर उज्जैन की झांकी ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह झांकी मंदिर की जीवंत छवि पेश करती थी और भक्तों का ध्यान खींच रही थी। फाग यात्रा में गेर के विभिन्न रंग और आकर्षक झांकियां देखने को मिलीं।

राधा-कृष्ण और नंदी पर सवार शिव की झांकी ने बढ़ाया उत्साह

हिंदरक्षक की फाग यात्रा में नंदी पर सवार शिव की झांकी, राधा-कृष्ण और अन्य भगवानों के साथ शामिल थी। इस झांकी ने गेर में एक अलग ही दृश्य प्रस्तुत किया। हजारों लोग नाचते-गाते हुए इस झांकी का आनंद ले रहे थे। जहां-जहां फाग यात्रा गुजरी, उसने पूरे इलाके को भक्ति और उल्लास के रंगों में रंग दिया। इस गेर में लोगों की भीड़ सबसे ज्यादा इसी स्थान पर दिखाई दी।